पेपर लीक पर सरकार सख्त : रिकॉर्ड 2 महीने में कराई पारदर्शी परीक्षा, शेखावत ने कहा- युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार अत्यंत संवेदनशील
बिना किसी देरी के तुरंत निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए
जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मोदी सरकार को युवाओं के भविष्य को लेकर अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कहा है कि वह पेपर लीक पर सख्त हैं और उसने अपने पूरे संसाधन और शक्ति लगाकर मात्र 2 महीने में पूरी पारदर्शिता के साथ न केवल परीक्षा का सफल कराया, बल्कि समय पर परिणाम भी घोषित किये। शेखावत ने हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में जैसे ही गड़बड़ी की सूचना आयी, बिना किसी देरी के तुरंत निष्पक्ष जांच के आदेश दिये गये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार वर्ष 2014 से ही देश के सर्वांगीण विकास के लिए चार प्रमुख वर्गों युवा, किसान, महिला और गरीब को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर काम कर रही है। लाल किले की प्राचीर से लेकर विभिन्न संबोधनों में प्रधानमंत्री ने बार-बार रेखांकित किया है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की नींव इन्हीं चार स्तंभों पर टिकी है।
शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के युवाओं के साथ किये गये संवाद को देशभर में अभूतपूर्व और सकारात्मक समर्थन मिला है, जिसके लिए प्रधानमंत्री ने युवाओं का आभार भी व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और ताकत ही भारत को'विकसित भारतÓबनाने की सबसे बड़ी शक्ति है। संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से संवाद को प्राथमिकता देते हुए सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और पारदर्शी व्यवस्था के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पेपर लीक से जुड़े सवाल पर उन्होंने हाल में हुई परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले पर सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर अत्यंत संवेदनशील है। जैसे ही गड़बड़ी की सूचना आयी, बिना किसी देरी के तुरंत निष्पक्ष जांच के आदेश दिये गये। गड़बड़ी में शामिल अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता के आरोप में 47 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया जबकि शिक्षा सचिव का स्थानांतरण कर दिया गया। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कड़े कदम उठाये गये हैं।
उन्होंने कहा कि नीट के 22 लाख परीक्षार्थियों के समय और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रिकॉर्ड समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कर एक मिसाल कायम की है। आमतौर पर इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के पुन: आयोजन में राज्यों और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय बिठाने में महीनों का समय लग जाता है, जिससे छात्रों का पूरा साल बर्बाद होने का खतरा रहता है। लेकिन सरकार ने अपने पूरे संसाधन और शक्ति लगाकर मात्र दो महीने के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ न केवल परीक्षा का सफल आयोजन कराया, बल्कि समय पर परिणाम भी घोषित किये। शेखावत ने कांग्रेस पर आरोप लगाया गया कि वह अपनी राजनीतिक सुविधा और खिसकती जमीन को बचाने के लिए युवाओं के कंधों का इस्तेमाल कर रही हैं। लगातार चुनावों में हार का सामना कर रहे कुछ नेताओं के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वे देश की छवि और युवाओं के भविष्य की परवाह किए बिना केवल अपनी राजनीतिक गोटियां सेकने में लगे हैं। देश की जनता और युवा सब समझते हैं और वे ऐसे दिग्भ्रमित करने वाले प्रयासों के बहकावे में नहीं आने वाले।

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