कर्नाटक में सूखे का अलर्ट, शिवकुमार ने कहा- संकट से निपटने के लिए सरकार ने उठाए एहतियाती कदम
सूखे से निपटने की तैयारी को लेकर अहम फैसले लिए
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को राज्य में सूखे जैसे हालात के मद्देनजर सरकार के संकट से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाने की बात कही। शिवकुमार ने चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर में बेंगलुरु संभागीय-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए सरकार के बारिश, पानी की उपलब्धता और फसल की स्थिति पर नजर रखने की बात कही, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को नुकसान न हो और पीने के पानी की कोई कमी नहीं हो। उन्होंने कहा, अल्मट्टी कमांड क्षेत्र को छोड़कर राज्य के अधिकतर भागों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। हम पहले से ही कदम उठा रहे हैं, ताकि किसानों और आम लोगों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रदुर्ग जिले में भी सूखे जैसे हालात हैं और उन्होंने जन प्रतिनिधियों और जिला अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार ने बेलगावी में सूखे से निपटने की तैयारी को लेकर अहम फैसले लिए हैं।
शिवकुमार ने हिरियूर के आस-पास के खेतों का दौरा करते हुए किसानों को भरोसा दिलाया कि अगर हालात बिगड़े, तो सरकार तुरंत कदम उठाएगी। सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने में निजी शिक्षण संस्थानों को शामिल करने के सरकार के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह योजना सभी निजी स्कूलों पर लागू नहीं होती है। उन्होंने कहा, इसका मकसद ग्रामीण सरकारी स्कूलों के स्तर को ऊपर उठाना है। अच्छी तरह से स्थापित निजी स्कूलों और बड़े उद्योगपतियों को प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार के साथ साझेदारी करनी चाहिए। गांवों में बेहतर स्कूल होने से छात्रों का शहरों की ओर पलायन कम होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को इस प्रस्ताव को लेकर चिंता है, वे सीधे उनसे बात कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को हिरियूर में कांग्रेस के दिवंगत नेता डी. सुधाकर के लिए आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि की। शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक हमला करते हुए विपक्ष के निराशा में विरोध करने की बात कही। उन्होंने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की चर्चा करते हुए आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में होने की बात कही। उन्होंने कहा, वे अब उसी नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं, जो उनके कार्यकाल में हुई थी। हमने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा है कि कोई भी जांच की जा सकती है और जरूरत पडऩे पर कार्रवाई की जा सकती है।

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