वेस्ट टू आर्ट थीम पर बनेंगे तीन भव्य स्वागत द्वार, 5.36 करोड़ रु. की लागत से होगा निर्माण
टेंडर प्रक्रिया शुरू
जयपुर। गुलाबी नगरी की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन आकर्षण एवं सौंदर्यीकरण को नई पहचान देने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत जेडीए वेस्ट टू आर्ट थीम पर 5.36 करोड की लागत से तीन भव्य स्वागत द्वार का निर्माण करेगा। जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया की जेडीए द्वारा शहर के तीन प्रमुख प्रवेश मार्गों पर वेस्ट टू आर्ट थीम आधारित भव्य स्वागत द्वार वेलकम गेट विकसित किए जाएंगे। इन स्वागत द्वारों में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं लोकजीवन की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। प्रस्तावित स्वागत द्वार दिल्ली कुंडा मोड़ से आमेर जाने वाले मार्ग, घाट की गुणी टोल प्लाजा तथा गंगा मार्ग पर प्रस्तावित न्यू जयपुर के सामने स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि तीनों स्वागत द्वारों की थीम अलग-अलग होगी। दिल्ली कुंडा मोड़ पर बनने वाला स्वागत द्वार राजस्थान की आत्मीय परंपरा खम्मा घणी की भावना को दर्शाएगा, जो प्रदेश की अतिथि सत्कार की संस्कृति का प्रतीक होगा। घाट की गुणी टोल प्लाजा पर प्रस्तावित स्वागत द्वार को राजस्थान के पारंपरिक लहरिया डिजाइन की थीम पर विकसित किया जाएगा, जो प्रदेश की रंग-बिरंगी सांस्कृतिक विरासत और लोककलाओं का प्रतिनिधित्व करेगा। वहीं गंगा मार्ग पर प्रस्तावित न्यू जयपुर के सामने बनने वाला स्वागत द्वार पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में आगंतुकों का स्वागत करते महिला एवं पुरुषों की कलात्मक आकृतियों के माध्यम से प्रदेश की पधारो म्हारे देस की भावना को साकार करेगा।
आयुक्त महाजन ने बताया कि परियोजना पर लगभग 5.36 करोड़ की लागत प्रस्तावित है, जिसमें सिविल निर्माण, विद्युत कार्य एवं हॉर्टिकल्चर विकास शामिल हैं। इसके लिए निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा तथा इसे छह माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जेडीए का यह प्रयास न केवल शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों को आकर्षक एवं भव्य स्वरूप प्रदान करेगा, बल्कि वेस्ट टू आर्ट की अवधारणा के माध्यम से अनुपयोगी सामग्री के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा। इसके साथ ही यह परियोजना जयपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को शहर में प्रवेश करते ही राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, आत्मीयता और अतिथि देवो भव की परंपरा का सजीव अनुभव कराएगी।

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