मध्य प्रदेश में पेयजल समस्या को लेकर कांग्रेस ने फिर साधा सरकार पर निशाना, अब तक 29 लोगों की हो चुकी है मौत, जांच के आदेश
दूषित पेयजल पर सियासी घमासान
इंदौर के दूषित पेयजल मामले में एक और मौत के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरा। हाईकोर्ट ने स्वतंत्र आयोग से जांच के आदेश दिए, सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे नेतृत्व।
भोपाल। मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल मामले से जुड़ी एक और व्यक्ति की मौत के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर फिर से हमला बोला है। सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 29वीं मौत हो चुकी है, लेकिन राज्य सरकार आज भी झूठे दावों और कागजी रिपोर्टों में उलझी है। नाले जैसे गंदे पानी को 'शुद्ध' बताकर जनता को ठगा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार तुरंत साफ पेयजल की ठोस व्यवस्था करे और इस 'जलहत्याकांड' की जिम्मेदारी ले। इसी बीच मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इस संबंध में जारी किए गए अपने आदेश में कहा कि दूषित पेयजल के इस मामले में स्वतंत्र और निष्प्क्ष आयोग से जांच कराया जाना आवश्यक है। इस फैसले के बाद अब इस मामले में न्यायिक जांच होगी। न्यायिक जांच के लिए बनाए गए आयोग का नेतृत्व सेवानिवृत न्यायाधीश सुशील कुमार गुप्ता करेंगे।

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