ओला-उबर से जुड़े ड्राइवरों ने की हड़ताल की घोषणा : यात्रियों को होगी परेशानी, आरोप- कंपनियां मनमाने ढंग से तय कर रही किराया
हड़ताल के चलते यात्रियों को ट्रैवल प्लान में परेशानी का हो सकती है
यूनियन का आरोप है कि सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 लागू होने के बावजूद कंपनियां मनमाने ढंग से किराया तय कर रही हैं।
नई दिल्ली। देश में ऐप-बेस्ड टैक्सी और बाइक टैक्सी सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों ने ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ के तहत 6 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल मिनिमम किराया तय करने और कमर्शियल राइड में प्राइवेट गाड़ियों के इस्तेमाल पर रोक की मांग को लेकर बुलाई गई है। आंदोलन का नेतृत्व तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और अन्य राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों ने किया है।
यूनियन का आरोप है कि सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 लागू होने के बावजूद कंपनियां मनमाने ढंग से किराया तय कर रही हैं, जिससे ड्राइवरों का शोषण हो रहा है। यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर दो मांगें रखी हैं—पहली, ऑटो, कैब और बाइक टैक्सी जैसी ऐप-बेस्ड सेवाओं के लिए मिनिमम बेस किराया तुरंत नोटिफाई किया जाए। दूसरी, कमर्शियल राइड के लिए प्राइवेट गाड़ियों के इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाई जाए। हड़ताल के चलते यात्रियों को ट्रैवल प्लान में परेशानी का हो सकती है।

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