आरयूएचएस में प्रदेश की पहली नेक्सा स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट की सफल सर्जरी, उदयपुर निवासी तीन वर्षीय बच्ची को सुनने की मिली नई उम्मीद
जन्म से ही सुन नहीं सकती थी 3 साल की बच्ची
राजस्थान में पहली बार आरयूएचएस अस्पताल, जयपुर में अत्याधुनिक नेक्सा स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट की सफल सर्जरी की। जन्मजात सुनने में असमर्थ तीन वर्षीय बच्ची शनाया का उपचार ईएनटी विशेषज्ञों की टीम ने किया। इस तकनीक से बच्चे को सुनने और भाषण विकास में नई उम्मीद मिली।
जयपुर। सुनने की क्षमता का पुनर्वास और आधुनिक चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में राजस्थान ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य में पहली बार अत्याधुनिक तकनीक से युक्त नेक्सा स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट की सफल सर्जरी आरयूएचएस अस्पताल, जयपुर में की गई है। चिकित्सकों ने दावा किया है कि यह राजस्थान का पहला इस प्रकार का अत्याधुनिक और एडवांस कॉक्लियर इम्प्लांट है, जो सुनने की क्षमता से बाधित बच्चों के उपचार में एक नई दिशा प्रदान करेगा। यह जटिल सर्जरी ईएनटी विशेषज्ञों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई, जिसमें डॉ. मोहनीश ग्रोवर, डॉ. राघव मेहता, डॉ. रश्मि अग्रवाल और डॉ. अंबिका देवरा शामिल रहे। सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जन्म से ही सुन नहीं सकती थी 3 साल की बच्ची :
वरिष्ठ ई एन टी विशेषज्ञ डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया कि इस सर्जरी के माध्यम से उदयपुर की तीन वर्षीय बच्ची शनाया को सुनने की नई उम्मीद मिली है। जन्मजात सुनने की क्षमता नहीं होने से पीड़ित होने के कारण शनाया के लिए सामान्य श्रवण और भाषण विकास एक बड़ी चुनौती था, लेकिन इस उन्नत तकनीक वाले कॉक्लियर इम्प्लांट के माध्यम से अब उसके लिए सुनने और बोलने की संभावनाए काफी बेहतर हो गई हैं। डॉ. ग्रोवर ने बताया कि यह एक अत्याधुनिक प्रकार का कॉक्लियर इम्प्लांट है, जिसमें कई उन्नत तकनीकी विशेषताए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह तकनीक मरीज को बेहतर श्रवण अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ भविष्य में आने वाली नई तकनीकों के साथ भी संगत बनी रहती है। इस

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