चुनाव आयोग ने केरल चुनाव से पहले स्टार प्रचारकों के मीडिया से बात करने पर लगाई रोक : राजनैतिक दलों और मीडिया संगठनों को निर्देशों का पालन करने का निर्देश, चुनावी मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना उद्देश्य
मीडिया को संबोधित करने से बचना चाहिए
केरल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले चुनाव आयोग सख्त हो गया है। मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. रतन यू. केलकर के निर्देश पर मौन अवधि में स्टार प्रचारकों और नेताओं के मीडिया इंटरव्यू, प्रेस कॉन्फ्रेंस और चुनावी बयान पर रोक लगा दी गई है। उद्देश्य साफ है—मतदाताओं पर प्रभाव रोकना और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना।
तिरुवनंतपुरम। चुनाव आयोग ने 2026 के केरल विधानसभा चुनावों से पहले निष्पक्ष एवं समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए स्टार प्रचारकों और नेताओं को मौन अवधि के दौरान मीडिया के साथ बातचीत करने से प्रतिबंधित कर दिया है। बुधवार को मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. रतन यू. केलकर, आईएएस के एक निर्देश के अनुसार यह प्रतिबंध आयोग के 15 मार्च, 2026 के प्रेस नोट के अनुरूप है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मौन अवधि के दौरान स्टार प्रचारकों और अन्य राजनैतिक नेताओं को संवाददाता सम्मेलन, साक्षात्कार या चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार के संचार के माध्यम से मीडिया को संबोधित करने से बचना चाहिये।
केरल और अन्य चुनावी राज्यों पर लागू यह परामर्श, मतदाताओं पर अनुचित प्रभाव को रोकने और मतदान से पहले के महत्वपूर्ण अंतिम चरण के दौरान चुनावी मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है। राज्य के सभी राजनैतिक दलों और मीडिया संगठनों को चुनावी प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने के लिए इन दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

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