महिला आरक्षण पर कमलनाथ का केंद्र सरकार पर निशाना : आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप, विशेष सत्र पर उठाए सवाल
राजनीति: कमलनाथ ने महिला आरक्षण पर भाजपा को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की कि 33% आरक्षण इसी संसद सत्र से लागू होना चाहिए। कमलनाथ ने चेतावनी दी कि परिसीमन के बहाने दक्षिण भारत के साथ अन्याय न हो और सरकार महंगाई व बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों पर ध्यान दे।
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि संसद में आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने ट्वीट में कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है और उस समय कांग्रेस ने इसका समर्थन भी किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी मौजूदा संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन के माध्यम से दक्षिण भारत के राज्यों के साथ अन्याय करने की मंशा रखती है और इसी तथ्य को छुपाने का प्रयास कर रही है। कमलनाथ ने सवाल किया कि यदि भाजपा की नीयत वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देने की है, तो वर्तमान संसद में ही इसे लागू करने में क्या दिक्कत है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर चर्चा करने के बजाय सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाना चाहिए था।

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