नीट पेपर लीक मामला: युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने की देशव्यापी आंदोलन की घोषण, जेपीसी जांच की मांग 

पेपर लीक माफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त

नीट पेपर लीक मामला: युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने की देशव्यापी आंदोलन की घोषण, जेपीसी जांच की मांग 
युवा कांग्रेस और NSUI ने नीट पेपर लीक को "जघन्य अपराध" बताते हुए JPC जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने NTA को प्रतिबंधित करने और कोचिंग माफियाओं पर नकेल कसने पर जोर दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेपर लीक को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है।

नई दिल्ली। युवा कांग्रेस और कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक मामले को गंभीर अपराध बताया है और इसकी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग की है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब तथा एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बुधवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि भाजपा शासन में गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों का भविष्य अनिश्चित होता जा रहा है और नीट परीक्षा पेपर लीक की ताजा घटना ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है। उनका कहना था कि सरकार दूसरे देशों के बीच चल रहे युद्ध को रोकने जैसी बातें भी करती है लेकिन अपने देश में पेपर लीक जैसे अपराधिक घटनाओं को नहीं रोक पा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय कर कोचिंग संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

चिब ने नीट पेपर लीक मामले की जांच जेपीसी से कराने की मांग की और कहा कि इस मामले में सबसे पहले जिम्मेदारी लेते हुए देश के शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा शासन में बार-बार बड़े स्तर पर पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं। उनका कहना था कि इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं हो और पेपर लीक जैसे जघन्य अपराध के दोषियों को सख्त सजा मिले।

उन्होंने परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को प्रतिबंधित करने की मांग करते हुए कहा कि परीक्षाओं का संचालन सरकार को स्वयं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर पेपर लीक जैसे अपराधों को रोकने के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया जाएगा। विनोद जाखड़ ने कहा कि केवल परीक्षाएं रद्द करना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और यह सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना था कि सरकार परीक्षाएं पारदर्शी ढंग से कराने में विफल रही है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कोचिंग संस्थानों के कर्मचारियों से पूछताछ के बाद राजनीतिक दबाव में उन्हें छोड़ दिया जाता है। उनका कहना था कि राजस्थान के सीकर, कोटा और जयपुर जैसे बड़े कोचिंग केंद्रों में संचालित कुछ संस्थानों के राजनीतिक संबंधों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जयपुर ग्रामीण क्षेत्र की जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कथित पेपर लीक प्रकरण में शामिल कुछ लोगों के भाजपा युवा मोर्चा से संबंध हैं तथा इस मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए।

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उन्होंने कोचिंग संस्थानों पर सख्त शिकंजा कसने की कार्रवाई को ज़रूरी बताया और कहा कि पहले किसान आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय थीं लेकिन अब बड़ी संख्या में छात्रों में भी निराशा बढ़ रही है। पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण छात्र भी अब आत्महत्या करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और इस मुद्दे को लेकर उनका संगठन देशव्यापी आंदोलन करेगा।

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