बड़े खुलासे के संकेत! फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी पर सीआईडी का शिकंजा, तीसरी बार तलब करने की तैयारी
अभिषेक बनर्जी के बयानों में विरोधाभास
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच कर रही अपराध जांच विभाग (सीआईडी) पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को तीसरी बार तलब कर सकती है। रविवार को हुई पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को उनके बयानों में कई विरोधाभास मिले हैं। अभिषेक बनर्जी इस मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए रविवार को सीआईडी के सामने पेश हुए थे, जहां करीब आठ घंटे तक उनसे पूछताछ चली। उनसे अकेले में भी पूछताछ की गयी और फिर तृणमूल नेता कुणाल घोष के सामने बैठाकर भी घंटों सवाल-जवाब किये गये। जांच एजेंसी के सूत्रों का आरोप है कि जब घोष की मौजूदगी में पूछताछ की गयी, तो अभिषेक बनर्जी कई अहम बातों पर अपने बयान से पलट गये। बताया जा रहा है कि आमने-सामने बैठाने से पहले सीआईडी अधिकारियों ने दोनों नेताओं से अलग-अलग पूछताछ की थी।
सीआईडी सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ताओं को अभिषेक बनर्जी के अकेले के बयानों और दोनों नेताओं की मौजूदगी में दिये गये जवाबों में काफी अंतर मिला। जब बनर्जी से बयानों में इस बदलाव की वजह पूछी गयी, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये। माना जा रहा है कि रविवार की पूछताछ से जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं है। ऐसे में जांच को आगे बढ़ाने के लिए तृणमूल सांसद को एक और समन भेजने पर विचार किया जा रहा है। उनकी पेशी की तारीख पर अभी हालांकि फैसला नहीं हुआ है।
कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी पिछले कई हफ्तों से सीआईडी की रडार पर हैं। इससे पहले उन्होंने अलग-अलग वजहें बताकर कई समन टाल दिये थे, जिसके बाद अदालत के दखल देने पर ही वह जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए। सूत्रों का कहना है कि पहले दौर की पूछताछ में उन्होंने कई सवालों के जवाब में सिर्फ यही कहा था कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यह नया घटनाक्रम ऐसे समय में आया है, जब अभिषेक बनर्जी पहले से ही कई मामलों में घिरे हुए हैं। कथित भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होना है। मंगलवार को, डीजे विवाद से जुड़ी अपनी कथित टिप्पणी के एक अलग मामले में भी उनके सीआईडी के सामने पेश होने की संभावना है।
इन मामलों के अलावा भी अभिषेक बनर्जी कई अन्य जांच और शिकायतों का सामना कर रहे हैं। कोयला तस्करी के मामले में भी उनका नाम लंबे समय से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, अम्फान राहत कोष के वितरण में गड़बड़ी को लेकर शनिवार को उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में सिलीगुड़ी में भी एक शिकायत दर्ज है।

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