रंगों में सजी नन्ही कल्पनाएं: जवाहर कला केंद्र की कला प्रदर्शनी का हुआ भावपूर्ण समापन
सुजस दीर्घा में दिखी रचनात्मकता
जयपुर। जवाहर कला केंद्र में आयोजित कला प्रदर्शनी का समापन बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा और कलात्मक अभिव्यक्ति के शानदार प्रदर्शन के साथ हुआ। सुजस दीर्घा में आयोजित इस प्रदर्शनी में चित्रकला, व्यक्तिचित्र, रेखांकन कला, मधुबनी चित्रकला, स्थिर जीवन चित्रण सहित विभिन्न विधाओं में तैयार सैकड़ों कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण कला प्रशिक्षक कुलदीप धाब के मार्गदर्शन में तैयार लगभग 450 रेखांकन कला कृतियां रहीं। इनमें 12 फीट लंबी विशाल कलाकृतियों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। बच्चों द्वारा स्वयं तैयार की गई रेखांकन पुस्तिकाओं की भी खूब सराहना हुई।
अभिभावकों ने इस पहल को बच्चों की सृजनात्मक क्षमता, एकाग्रता और मानसिक संतुलन के विकास में सहायक बताया। वहीं, सावित्री शर्मा के निर्देशन में आयोजित मधुबनी चित्रकला प्रशिक्षण में बच्चों ने भारतीय लोक कला की समृद्ध परंपरा को समझते हुए पारंपरिक आकृतियों, प्राकृतिक रूपांकनों और सांस्कृतिक प्रतीकों को अपनी कृतियों में जीवंत रूप दिया। प्रदर्शनी के समापन अवसर पर उपस्थित कला प्रेमियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए इसे भारतीय कला-संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने की सार्थक पहल बताया। यह प्रदर्शनी नन्हे कलाकारों की कल्पनाशीलता, मेहनत और सृजनशीलता का प्रेरणादायी उत्सव बनकर यादगार रही।

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