मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का वज्र प्रहार: एक आरएएस सहित 20 की गई नौकरी ; 332 निलंबित 17 की पेंशन बंद, भ्रष्टाचार, अनियमितता और लापरवाही के खिलाफ मिशन जीरो टोलरेंस
भ्रष्टाचार पर भजनलाल सरकार का महाप्रहार
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब तक एक आरएएस अधिकारी सहित 20 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है जबकि 332 अधिकारियों और कार्मिकों को निलंबित किया गया है। 17 कार्मिकों की पेंशन बंद की गई है तथा 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति जारी कर भ्रष्टाचार के आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा अनुशासनहीनता एवं लापरवाही के 577 मामलों की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री के प्रहार से इन अधिकारियों की गई नौकरी
मुख्यमंत्री के प्रहार के बाद सेवा से हटाए गए अधिकारियों में आरएएस नरसिंह, उपनिदेशक डॉ. पीआर खींची, सहायक आचार्य डॉ, सुनील व्यास, तकनीकी शिक्षा की प्रवक्ता प्रियंका दिवाकर और कृषि अधिकारी शीना लुकोश शामिल हैं। वहीं व्याख्याता अमृत लाल मीणा, सहायक आचार्य वैजयंती मीणा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार, खनिज अभियंता अनिल खिमेसरा और लेखा सेवा के नरेंद्र तंवर को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसी प्रकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह एवं पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक संजय पांडे को सेवा से हटाया गया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन विकास अधिकारी सुवाणा भीलवाड़ा भरत प्रकाश मेघवाल, तत्कालीन कृषि उप निदेशक झुंझुनूं राजेश कुमार नैनावत, तत्कालीन सहायक आयुक्त भरतपुर वित्त कर महावीर सिंह आसीवाल, तीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम मोहन सिंह चौहान सीएचसी बिछीवाड़ा डूंगरपुर, डॉ. मुरलीधर शर्मा सीएचसी रामगढ़ पचवारा दौसा और डॉ. मनोहर लाल सीएचसी रामगढ़ अलवर को सेवा से बर्खास्त किया गया है। पीएचईडी की अलवर प्रयोगशाला के वरिष्ठ रसायनज्ञ प्रदीप कुमार हजरती और हरिसिंह मीना तत्कालीन एपीपीए एसीजेएम-4 कोटा को एसीबी कोर्ट द्वारा सजा सुनाये जाने के बाद नौकरी से हटाया गया है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी कार्रवाई
सरकार ने 17 अधिकारियों को भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मामलों में आजीवन शत-प्रतिशत पेंशन रोक कर दण्डित किया है। उन्होंने आरएएस फतेह राय सोनी, पीटीआई फूलाराम फगेड़िया, अतिरिक्त निदेशक खान राकेश हीरात और आरपीएस ओमप्रकाश चंदोलिया की आजीवन पूरी पेंशन एवं चिकित्सा अधिकारी डा. निधि मेहरोत्रा की पूर्ण पेंशन एवं ग्रेच्युटी आजीवन रोककर दंडित किया है। आजीवन पेंशन रोकने वाले अधिकारियों में बनवारी लाल मीणा, आरएएसए उप सचिव नगर विकास न्यास अलवर, चिकित्सा विभाग के प्रमुख विशेषज्ञ डॉ. त्रिलोक चंद गगरानी, डॉ. शिवनारायण यादव, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सीएचसी नीमराणा अलवर देवेन्द्र सिंह ढिल्लो, आरएएसए उप सचिव यूआईटी अलवर मनोहर लाल सिसोदिया, बीडीओ कपासन तत्कालीन कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद कोठारी सीएचसी मांडलगढ भीलवाड़ा, डॉ. कल्पना श्रीवास्तव, चिकित्साधिकारी गंगरार-चित्तौडगढ़, नृसिंह रेबारी, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रतापगढ़, सुरेश माथुर, अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी जैसलमेर, महेन्द्र सिंह आरपीएस वृत्ताधिकारी सवाई माधोपुर, डॉ. लक्ष्मण दत्त शर्मा चिकित्साधिकारी निवाई टोंक, डॉ. अविनाश कुमार शर्मा सहायक निदेशक पशुधन विकास बांसवाड़ा, देशराज नूनिया, अधिशासी अभियंता आईजीएनपी मोहनगढ़ जैसलमेर शामिल हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता अशोक कुमार शर्मा की 3 वार्षिक वेतन वृद्धियां वापस ली गई हैं।
अभियोजन के बाद गिरी गाज
राज्य सरकार द्वारा 577 प्रकरणों में जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है। इसी प्रकार अखिल भारतीय सेवा के 9 प्रकरणों की जांच जारी है। उन्होंने रिश्वत, ट्रैप, पद का दुरूपयोग, आय से अधिक संपत्ति प्रकरणों के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी है।

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