वाटरशेड परियोजनाओं में देरी पर केंद्र नाराज, राजस्थान सरकार को भेजा पत्र
परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की
जयपुर। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत संचालित वाटरशेड विकास घटक (WDC-PMKSY 2.0) के कार्यों में हो रही देरी पर राजस्थान सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। केंद्रीय भूमि संसाधन विभाग एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2021-22 में राजस्थान के लिए 8.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने वाली 159 वाटरशेड परियोजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिन्हें मार्च 2026 तक पूरा किया जाना था। समय पर कार्य पूरे नहीं होने पर केंद्र ने परियोजनाओं की अवधि सितंबर 2026 तक बढ़ा दी, लेकिन अब भी प्रगति संतोषजनक नहीं है। परियोजनाओं की कुल लागत 1990.36 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 1194.22 करोड़ रुपए निर्धारित है। राज्य सरकार अब तक केंद्र से केवल 859.80 करोड़ रुपए (72 प्रतिशत) का ही दावा कर सकी है। वहीं मार्च 2026 तक कुल लागत का 71.40 प्रतिशत यानी 1421.11 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए हैं।
मंत्रालय ने बताया कि अवधि बढ़ाने के बाद जारी 85.03 करोड़ रुपए की पहली तिमाही की राशि में से 15 जून तक केवल 31.33 करोड़ रुपए (37 प्रतिशत) ही खर्च हुए हैं। केंद्र ने चेतावनी दी है कि वर्तमान गति को देखते हुए सितंबर 2026 तक सभी परियोजनाओं का पूरा होना मुश्किल दिखाई देता है।

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