फ्रांस में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू का कहर : खुद को ठंडा करने के लिए असुरक्षित जल क्षेत्रों में तैरने उतर रहे लोग, डूबने से 39 लोगों की मौत

डूबने वालों में अधिकतर युवा

फ्रांस में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू का कहर : खुद को ठंडा करने के लिए असुरक्षित जल क्षेत्रों में तैरने उतर रहे लोग, डूबने से 39 लोगों की मौत
फ्रांस में रिकॉर्डतोड़ लू के बीच पिछले 5 दिनों में नदियों-तालाबों में नहाते समय डूबने से 39 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश युवा हैं। भीषण गर्मी के चलते 1.06 लाख घरों की बिजली भी गुल हुई। फ्रांस के कई हिस्सों में 41°C तक तापमान पहुंचने का अनुमान है, जबकि ब्रिटेन ने भी रेड हीट अलर्ट जारी किया है।

पेरिस/रेन्नेस। यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जिसके कारण फ्रांस में पिछले 5 दिनों में नदी और तालाबों में नहाने के दौरान डूबने से 39 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर युवा हैं। इस बीच झुलसाने वाली गर्मी से जूझते फांसीसियों पर एक और मार तब पड़ी, जब मंगलवार रात करीब 1,06,000 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी। फ्रांसीसी ग्रिड ऑपरेटरों के रात भर काम करने के बावजूद बुधवार देर शाम तक 68,000 घर बिना बिजली के रहे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, देश में पड़ रही इस झुलसाने वाली गर्मी और उमस से बेहाल लोग प्रशासन की चेतावनियों और सुरक्षा दिशा-निर्देशों की परवाह किये बिना खुद को ठंडा करने के लिए असुरक्षित जल क्षेत्रों (नदियों, झीलों और प्रतिबंधित तालाबों) में तैरने उतर रहे हैं, जिससे 40 लोगों की डूबने से मौत हो गयी है। राष्ट्रीय मौसम सेवा, मेटेओ फ्रांस ने देश के लगभग आधे हिस्से में रेड अलर्ट जारी किया है, जहां तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के आसार हैं।

फ्रांसीसी प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने एक आपात बैठक के बाद बताया कि भीषण गर्मी के कारण एयर-कंडीशनिंग की कमी से स्कूल, ट्रेनें और खेल आयोजन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस बार की लू वर्ष 2003 की उस ऐतिहासिक गर्मी की याद दिला रही है, जिसने फ्रांस में करीब 15,000 लोगों की जान ले ली थी। इस बीच, इंग्लिश चैनल पार ब्रिटेन के मौसम विभाग ने भी दक्षिणी इंग्लैंड और वेल्स के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वार्निंग जारी की है, जहां तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान वैश्विक औसत से दोगुनी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पूरा यूरोप इस समय भीषण स्वास्थ्य संकट, जंगलों की आग और बिजली कटौती का सामना कर रहा है।

 

Tags: havoc

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

वाटरशेड परियोजनाओं में देरी पर केंद्र नाराज, राजस्थान सरकार को भेजा पत्र वाटरशेड परियोजनाओं में देरी पर केंद्र नाराज, राजस्थान सरकार को भेजा पत्र
केंद्र सरकार ने राजस्थान में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत वाटरशेड विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई।...
पेपरलीक के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी अभियान : 28 शहरों में होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस, वेणुगोपाल बोले- छात्रों, युवाओं और जनता की चिंताओं को रखेंगे देश के सामने
धौलपुर नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त निलंबित, अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई
फ्रांस में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू का कहर : खुद को ठंडा करने के लिए असुरक्षित जल क्षेत्रों में तैरने उतर रहे लोग, डूबने से 39 लोगों की मौत
ना IIT और ना IIM..फिर भी बने WhatsApp के नए CEO, जानें कौन हैं कुणाल शाह? 
पचपदरा रिफाइनरी की प्रगति की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
वायदा बाजार की नरमी का असर : शुद्ध सोना और चांदी हुई सस्ती, जानें क्या है भाव