जेकेके में शुरू हुई युवा कलाकार सारा हर्ष की सोलो प्रदर्शनी ‘चित्रहार’ : महज 18 साल की उम्र, पेंटिंग का हुनर ऐसा कि सभी चकित
सारा द्वारा हाथ से बनाए गए सजावटी थैले और पाउच भी आकर्षण का केंद्र
जयपुर। अपने अठारहवें जन्मदिवस को अनोखे अंदाज में मनाते हुए युवा कलाकार सारा हर्ष ने अपनी पहली एकल कला प्रदर्शनी चित्रहार: आत्म की ओर एक यात्रा मंगलवार को शुरु हुई। यह प्रदर्शनी बुधवार तक जेकेके की सुरेखा आर्ट गैलरी में सुबह 11 से रात आठ बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी की सबसे खास बात है सारा की कलाकृतियों की गहराई और विविधता। यहां प्रदर्शित चित्रों में रंगों के माध्यम से भावनाओं और जीवन के अनुभवों को बेहद संवेदनशील तरीके से उतारा गया है। इसके अलावा सारा द्वारा हाथ से बनाए गए सजावटी थैले और पाउच भी आकर्षण का केंद्र हैं, जिनमें रोजमर्रा की चीजों को कला में बदलने की उनकी सोच साफ झलकती है। साथ ही उनके हस्तनिर्मित फूल बारीक कारीगरी और कोमलता का बेहतरीन नमूना पेश करते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि सारा ने किसी कला विद्यालय से प्रशिक्षण नहीं लिया।
अंतरजाल पर विभिन्न कलाकारों के कार्य देखकर और अपनी संवेदनशील दृष्टि से सीखते हुए उन्होंने स्वयं अपनी कला शैली विकसित की। हर चित्र, हर थैला और हर फूल उनकी आत्म-खोज की यात्रा को बयां करता है। उद्घाटन समारोह में पद्मश्री तिलक गितई, वैदिक चित्रकार रामू रामदेव, कला शिक्षिका खुशबू खंगारोत, समाजसेवी सुधीर माथुर, सोमेन्द्र हर्ष, अंशु हर्ष, कमला पोद्दार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सारा ने बताया कि मैंने पहली पेंटिंग क्लास 9 के दौरान बनाई थी। प्रदर्शनी में सारा की करीब 53 पेंटिंग्स शोकेस हो रही है।

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