महाराणा प्रताप का जीवन देशभक्ति, आत्मसम्मान और परिश्रम की प्रेरणा देता रहेगा : देवनानी
पाठ्यक्रम में शौर्य गाथा शामिल करने पर दिया जोर
जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, आत्मसम्मान, साहस और परिश्रम का मार्ग दिखाता रहेगा। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे युगपुरुष हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया और कभी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया। देवनानी ने कहा कि महाराणा प्रताप ने मातृभूमि की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन साहस, संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के विद्यालयी पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों का उद्देश्य राज्य और देश के गौरवपूर्ण इतिहास को उजागर करना तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करना था। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम में परिवर्तन कर महाराणा प्रताप के योगदान और व्यक्तित्व को प्रमुखता दी गई, जिससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सके। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि महाराणा प्रताप के आदर्श हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, स्वाभिमान के साथ जीवन जीने और अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और अपने अदम्य साहस तथा दृढ़ संकल्प से स्वतंत्रता एवं सम्मान की रक्षा की। देवनानी ने युवाओं सहित सभी नागरिकों से सामाजिक समरसता, एकता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने तथा महाराणा प्रताप के आदर्शों को जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

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