छात्रों पर लाठीचार्ज और कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो, एनटीए को बैन करे सरकार: एनएसयूआई
छात्रों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के अध्यक्ष बिनोद जाखड़ ने सोमवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। जाखड़ ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि एनएसयूआई ने देशभर में पेपर लीक के खिलाफ लगातार संघर्ष किया है और छात्रों की आवाज़ बुलंद की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। गत 20 जुलाई को छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया, उसकी एनएसयूआई कड़ी निंदा करती है। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि छात्रों पर पीछे से लाठियां चलायी गयी और बिहार में छात्रों पर गोलीबारी की घटना हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि दोषी अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक के खिलाफ भी कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। एनएसयूआई अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पूछा कि बिहार में छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। साथ ही आरोप लगाया कि छात्रों के धर्म और जाति के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं। छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एनएसयूआई ने 9811867474 मिस्ड कॉल हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। उन्होंने कहा कि इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर छात्र कानूनी मदद प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी नैतिक जिम्मेदारी थी। उन्होंने मांग की कि देश में सभी परीक्षाएं समय पर कराये जाने के साथ ही परीक्षा कैलेंडर जारी करने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को बैन किया जाये।

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