मल्लिकार्जुन खड़गे का जयंती पर अंबेडकर को नमन : उनके सिद्धांतों के लिए अडिग रहने का आह्वान, बोले- आज उनके द्वारा स्थापित सिद्धांतों को संरक्षित रखने की चुनौती
भारत की अवधारणा को परिभाषित करते हैं
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि संविधान के मूल्यों—स्वतंत्रता, समानता और न्याय—की रक्षा आज सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने चेताया कि संवैधानिक सिद्धांतों पर खतरे बढ़ रहे हैं और इन्हें बचाने के लिए देशवासियों को एकजुट होकर दृढ़ता से खड़ा होना होगा।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि आज उनके द्वारा स्थापित सिद्धांतों को संरक्षित रखने की चुनौती है, जिसके लिए सबको अडिग होकर खड़ा होने की जरूरत है। खड़गे ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बाबा साहब ने संविधान में सबकी स्वतंत्रता और समानता की जो अवधारणाएं परिभाषित की हैं उनको लेकर नयी चेतावनियाँ सामने आ रही हैं, जिनका मिलकर मुकाबला करना है।
उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती पर हम उस दूरदर्शी व्यक्तित्व को गहरी श्रद्धा से नमन करते हैं, जिन्होंने भारत को उसकी नैतिक और संवैधानिक आत्मा प्रदान की। बाबासाहेब न केवल भारत के संविधान के निर्माता थे, बल्कि स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के लिए एक अथक योद्धा भी थे, ये वे मूल्य हैं, जो भारत की अवधारणा को परिभाषित करते हैं।
खड़गे ने कहा कि आज, जब संविधान एक षड्यंत्रकारी हमले का सामना कर रहा है, तो उनके शब्द और चेतावनियाँ नए सिरे से प्रासंगिक हो उठती हैं। यह साहस और दृढ़ विश्वास का समय है। हमें केवल उन्हें याद ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके द्वारा स्थापित प्रत्येक सिद्धांत की रक्षा करने, उनके द्वारा सुरक्षित किए गए प्रत्येक अधिकार की रक्षा करने और उनके द्वारा जिए गए और संघर्ष किए गए प्रत्येक मूल्य को कायम रखने के लिए उठना चाहिए।

Comment List