खड़गे पर आपत्तिजनक टिप्पणी से गरमाई सियासत : यह लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ, सैलजा ने कहा- यह दलित नेता का अपमान
असम के मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग
सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की खड़गे पर टिप्पणी को दलित समाज व लोकतांत्रिक मर्यादा का अपमान बताया और माफी की मांग की। वहीं हरियाणा में गेहूं खरीद में देरी पर सरकार को घेरा, मंडियों में किसानों की परेशानी बताते हुए तुरंत खरीद, बेहतर व्यवस्था और मुआवजे की मांग उठाई।
चंडीगढ़। हरियाणा में सिरसा सीट से सांसद कुमारी सैलजा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर की गयी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल एक वरिष्ठ दलित नेता का अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ भी है। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की भाषा भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाती है और इससे पूरे दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि जब देश के सामने कई गंभीर मुद्दे हैं, तब सत्तारूढ़ दल के नेता ध्यान भटकाने के लिए गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की और भविष्य में ऐसी भाषा से बचने की अपील की।
इसके अलावा, कुमारी सैलजा ने हरियाणा में गेहूं खरीद को लेकर भी ङ्क्षचता जतायी। उन्होंने कहा कि सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि कई मंडियों में किसान अपनी फसल लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसानों को मजबूरी में अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से तुरंत खरीद शुरू करने, उचित व्यवस्थाएं करने और किसानों को मुआवजा देने की मांग की।

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