प्रश्नपत्र लीक मामले पर मायावती का बड़ा बयान, बोली- राजनीति से शिक्षा सुधार का न दबे मुद्दा, सरकार और विपक्ष के बीच तनाव तथा टकराव की स्थिति
आंदोलन को मिल रही जनसहानुभूति
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने नीट-यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर हो रही राजनीतिक खींचतान के बीच शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का मूल प्रश्न कहीं दब न जाए। शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में मायावती ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘काकरोज जनता पार्टी (सीजेपी)’ के बैनर तले चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को व्यापक जनसहानुभूति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तेज राजनीतिक टकराव का माहौल बन गया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार का वास्तविक मुद्दा पीछे छूटने का खतरा है। बसपा प्रमुख ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों में सड़क से संसद तक होड़ मची हुई है, जिससे सरकार और विपक्ष के बीच तनाव तथा टकराव की स्थिति और बढ़ रही है। मायावती का कहना था कि इसका असर राज्यों तक भी दिखाई दे रहा है, इसलिए उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से सतर्क और सजग रहने की अपील की। उन्होने कहा कि आंदोलन का पूरी तरह राजनीतिकरण होने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से हालात और अधिक तनावपूर्ण तथा गंभीर हो गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति के कारण संसद का मानसून सत्र अब तक सुचारु रूप से नहीं चल पाया है, जिससे जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही प्रभावित हुई है। बसपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन से निपटने के उपाय तलाश रही है, जबकि परीक्षा पत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। मायावती ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से निराश होने के बजाय पार्टी के मिशन के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहें।

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