पीएम मोदी ने ओडिशावासियों को दी उत्कल दिवस की बधाई, सांस्कृतिक विरासत की सराहना की
उत्कल दिवस: पीएम मोदी ने ओडिशा की समृद्ध विरासत को किया सलाम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 अप्रैल को 'उत्कल दिवस' पर ओडिशा वासियों को बधाई दी। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महानता की सराहना करते हुए राष्ट्र निर्माण में ओडिया परंपराओं के योगदान को रेखांकित किया। 1936 में भाषाई आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य ओडिशा आज प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उत्कल दिवस के अवसर पर ओडिशा के लोगों को बधाई दी और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक विरासत के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "उत्कल दिवस के विशेष अवसर पर बधाई। ओडिशा एक ऐसा राज्य है जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महानता के एक शाश्वत प्रतीक के रूप में गर्व से खड़ा है।" उन्होंने ओडिया परंपराओं के स्थायी प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, "ओडिया संगीत, कला और साहित्य ने भारत को अनगिनत तरीकों से समृद्ध किया है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेशवासियों के चरित्र और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने लिखा, "ओडिशा के लोग अपने दृढ़ संकल्प, सादगी और स्नेह के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। " उन्होंने भविष्य में राज्य के विकास के प्रति आशा व्यक्त की और कहा, "आने वाले समय में ओडिशा प्रगति की नयी ऊंचाइयों को छूता रहे।"
गौरतलब है कि, उत्कल दिवस हर साल एक अप्रैल को मनाया जाता है। यह वर्ष 1936 में ब्रिटिश शासन के दौरान ओडिशा के एक अलग प्रांत के रूप में गठन का प्रतीक है। यह भाषाई आधार पर गठित होने वाला पहला भारतीय राज्य था। यह दिन पूरे राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, परेड और उन प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि देकर मनाया जाता है जिन्होंने राज्य के गठन के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देश के पूर्वी तट पर स्थित ओडिशा अपने प्राचीन मंदिरों, ओडिसी जैसे शास्त्रीय नृत्य रूपों और एक जीवंत साहित्यिक परंपरा के लिए जाना जाता है। हाल के वर्षों में, यह राज्य आपदा प्रबंधन, खेल विकास और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में भी एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरा है।

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