एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में कल भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राजनाथ : विभिन्न सदस्य देशों के रक्षा मंत्री क्षेत्र की रक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े अनेक मुद्दों पर करेंगे विचार-विमर्श, रक्षा सहयोग से संबंधित विषयों पर भी होगी चर्चा
एससीओ संघर्ष के प्रभाव को कम करने के उपायों पर भी चर्चा कर सकता है
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को बिश्केक में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और वैश्विक शांति पर चर्चा होगी। पश्चिम एशिया की अस्थिरता के बीच भारत सख्त रुख दोहराएगा और द्विपक्षीय वार्ताएं भी करेगा। एससीओ 2001में स्थापित प्रमुख संगठन है, भारत 2017में सदस्य बना और प्रभाव
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को किर्गिजस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में एक उच्च-स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। बैठक के दौरान विभिन्न सदस्य देशों के रक्षा मंत्री क्षेत्र की रक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े अनेक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। अंतरराष्ट्रीय शांति, आतंकवाद-रोधी प्रयासों तथा एससीओ सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
इस वर्ष की एससीओ बैठक पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण उत्पन्न हो रही भू-राजनीतिक अस्थिरता की पृष्ठभूमि में आयोजित हो रही है। क्षेत्र के सबसे बड़े राजनीतिक एवं आर्थिक संगठनों में से एक एससीओ इस संघर्ष के प्रभाव को कम करने के उपायों पर भी चर्चा कर सकता है। रक्षा मंत्री वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेंगे और आतंकवाद एवं उग्रवाद को कतई बर्दाश्त न करने के भारत के दृढ़ रुख को दोहराएंगे। बैठक के दौरान सिंह कुछ भाग लेने वाले देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय (बातचीत) भी कर सकते हैं।
एससीओ एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 15 जून, 2001 को चीन के शंघाई में हुई थी। इसके सदस्य देशों में भारत, रूस, चीन, कजखिस्तान, किर्गिजस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। भारत 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना और 2023 में इसकी अध्यक्षता संभाली।

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