शिवाजी महाराज पर पुस्तक को लेकर शिवसेना (शिंदे) विधायक संजय गायकवाड़ ने प्रकाशक को दी जान से मारने की धमकी
विवाद: विधायक संजय गायकवाड़ ने प्रकाशक को दी जान से मारने की धमकी
शिवसेना (शिंदे गुट) विधायक संजय गायकवाड़ एक बार फिर विवादों में हैं। उन्होंने कोल्हापुर के प्रकाशक प्रशांत आंबी को 'शिवाजी कौन थे?' पुस्तक के प्रकाशन पर कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी। ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जबकि प्रकाशक ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
कोल्हापुर। अपने विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ ने गुरुवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर के किताबों के प्रकाशक प्रशांत आंबी को जान से मारने की धमकी दी। विधायक का आरोप है कि आंबी ने एक पुस्तक प्रकाशित की थी, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया गया है। इस विवाद की जड़ में 'शिवाजी कौन थे?' नामक पुस्तक है, जिसे दिवंगत गोविंद पानसरे ने लिखा और इसका प्रकाशन दशकों पहले हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, गायकवाड़ ने हाल ही में पुस्तक के शीर्षक पर आपत्ति जतायी और आंबी को फोन कर कथित तौर पर अपशब्द कहे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो क्लिप में गायकवाड़ को अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते और धमकी देते सुना जा सकता है। उन्होंने लेखक गोविंद पानसरे के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।
जवाब में प्रकाशक आंबी ने स्पष्ट किया कि वह केवल पुस्तक के प्रकाशक हैं, लेखक नहीं। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक मूल रूप से 1988 में प्रकाशित हुई थी और इसका उद्देश्य शिवाजी महाराज का अपमान करना कतई नहीं है। आंबी ने विधायक से आग्रह किया कि आरोप लगाने से पहले वह पूरी पुस्तक पढ़ लें। गायकवाड़ ने हालांकि कथित तौर पर अपनी धमकियां जारी रखीं, जिसका श्री आंबी ने भी दृढ़ता से जवाब दिया। यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना नेता (शिंदे गुट) नेता श्री गायकवाड़ विवादों में घिरे हैं। इससे पहले उन पर विधायक निवास के एक कैंटीन कर्मचारी के साथ भोजन की गुणवत्ता को लेकर मारपीट करने का आरोप लगा था। पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप के बावजूद, उनके आचरण पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। 'विश्व पुस्तक दिवस' के अवसर पर सामने आयी इस घटना ने राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

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