कुछ ‘मृत’ मतदाता अभी जीवित : ममता ने लगाया आरोप, बोली- जीवित लोगों को मृत बता रहा चुनाव आयोग
आयोग को शर्म आनी चाहिए
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान जीवित लोगों को ‘मृत’ घोषित करने का आरोप लगाया। मेट्रो वाई चैनल पर धरने में उन्होंने कहा कि ऐसे 22 मतदाताओं की पहचान हो चुकी है, जो जीवित होते हुए भी सूची से हटाए गए। ममता ने चेतावनी दी कि असली मतदाताओं को रोका गया तो विधानसभा चुनाव मजाक बन जाएंगे।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कई जीवित मतदाताओं को गलत तरीके से मृत घोषित करने का आरोप लगाया। मध्य कोलकाता के मेट्रो वाई चैनल पर अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए तृणमूल सुप्रीमो ने आयोग पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि कुछ ‘कथित मृत’ मतदाता यह साबित करने के लिए विरोध स्थल पर मौजूद हैं कि वे अब भी जीवित । मुख्यमंत्री ने कहा, आयोग को शर्म आनी चाहिए।
संशोधन प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी
बनर्जी ने प्रभावित मतदाताओं की लंबी उम्र की कामना की और कहा कि उनकी पार्टी संशोधन प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी कर रही है। उनके अनुसार, 22 ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जिन्हें जिंदा होने के बावजूद ‘मृत श्रेणी’ में डालकर हटा दिया गया है। हम इस मुद्दे की इंच-दर-इंच जांच कर रहे हैं। हमने पहले ही ऐसे 22 मतदाताओं का पता लगा लिया है। मैं मीडिया से भी अनुरोध करूंगी कि वे उन मामलों को सामने लाएं, जहां लोग जीवित हैं, लेकिन आयोग के रिकॉर्ड उन्हें मृत दिखा रहे हैं।
सीएम ने दी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि वास्तविक मतदाताओं को उनके मताधिकार का प्रयोग करने से रोका गया तो इस साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव मजाक बनकर रह सकते हैं। विरोध प्रदर्शन का यह स्थान पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है।

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