इंसानों की बनाई सबसे दूर की वस्तु वॉयेजर-1 : अंतरिक्ष में कर रहा सफर, 50 साल बाद भी भेज रहा वैज्ञानिकों को डेटा
वॉयेजर-1 को आगे बढ़ने के लिए इंजन या ईंधन की नहीं पड़ती जरूरत
नई दिल्ली। इंसानों की बनाई सबसे दूर की वस्तु वॉयेजर-1 करीब 5 दशकों से अंतरिक्ष की गहराइयों में लगातार आगे बढ़ रहा है। 5 सितंबर 1977 को लॉन्च हुआ यह अंतरिक्ष यान अब पृथ्वी से अरबों किलोमीटर दूर इंटरस्टेलर स्पेस में मौजूद है और आज भी वैज्ञानिकों तक अहम डेटा पहुंचा रहा है।
वॉयेजर-1 की सबसे खास बात यह है कि इसे आगे बढ़ने के लिए किसी पारंपरिक इंजन या ईंधन की जरूरत नहीं पड़ती। अंतरिक्ष में लॉन्च के बाद प्राप्त गति और ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण की मदद से यह लगातार आगे बढ़ रहा है। वहीं, इसके वैज्ञानिक उपकरणों और संचार सिस्टम को ऊर्जा रेडियोआइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर (RTG) से मिलती है, जो प्लूटोनियम-238 की गर्मी को बिजली में बदलता है।
नासा के अनुसार, वॉयेजर-1 अगस्त 2012 में इंटरस्टेलर स्पेस में प्रवेश कर चुका था। वैज्ञानिकों के लिए यह मिशन इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि लगभग 50 साल बाद भी यह मानव निर्मित यान अंतरिक्ष के बेहद दूरस्थ हिस्से से जानकारी भेज रहा है।

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