jlf poet javed akhtar
राजस्थान  जयपुर 

जेएलएफ में चले शब्दों के बाण : बॉलीवुड और सत्ता के रिश्तों पर उठते सवालों के बीच बोले कवि जावेद अख्तर- समाज के बदलाव से तय होता है सिनेमा का नायक, सत्ता से टकराव अकेले फिल्मों की जिम्मेदारी नहीं

जेएलएफ में चले शब्दों के बाण : बॉलीवुड और सत्ता के रिश्तों पर उठते सवालों के बीच बोले कवि जावेद अख्तर- समाज के बदलाव से तय होता है सिनेमा का नायक, सत्ता से टकराव अकेले फिल्मों की जिम्मेदारी नहीं बॉलीवुड और सत्ता के रिश्तों पर उठते सवालों के बीच मशहूर गीतकार, पटकथा लेखक और कवि जावेद अख्तर ने एक बार फिर अपनी बेबाक, तार्किक और यथार्थवादी सोच से गहरी छाप छोड़ी। उनका मानना है कि सिनेमा, साहित्य और कला को सत्ता से अलग कर देखना एक सरलीकृत दृष्टि।
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