वार्षिक लेखा समापन के मद्देनज़र विशेष दिशा-निर्देश जारी : 31 मार्च को ई-कुबेर के माध्यम से ई-पेमेंट की विशेष व्यवस्था, डी़डीओ और कोषालय रहेंगे कार्यरत
अस्वीकृतियों का मिलान करना होगा
वार्षिक लेखा समापन से पहले वित्त विभाग ने विशेष निर्देश जारी। ई-कुबेर इंटीग्रेशन के तहत सभी सरकारी लेनदेन समय पर दर्ज। 31 मार्च को कोषालय व डीडीओ कार्यदिवस की तरह काम करेंगे। ई-पेमेंट फाइलें रात 8:30 बजे तक, जबकि एनएसीएच समय सीमा 3 बजे तक बढ़ाई गई है, ताकि लेखा समापन सुचारु रहे।
जयपुर। वित्त विभाग ने 31 मार्च 2026 को वार्षिक लेखा समापन के मद्देनज़र विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार आरबीआई की ओर से ई-कुबेर इंटीग्रेशन फ्रेमवर्क के तहत 31 मार्च को ई-पेमेंट और ई-रसीदों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि सभी सरकारी लेनदेन वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही दर्ज हो सकें और 31 मार्च 2026 की स्थिति में राज्य सरकार की नकद शेष राशि का सही निर्धारण हो सके। निर्देशों के अनुसार 31 मार्च को आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) और सभी कोषालय कार्य दिवस की तरह कार्य करेंगे। आईएफएमएस प्रणाली में 31 मार्च को रात्रि 8:30 बजे तक ई-पेमेंट फाइलें जनरेट की जा सकेंगी, जबकि टोकन जारी करना शाम 6:30 बजे बंद कर दिया जाएगा। सभी भुगतान फाइलें रात 9 बजे तक ई-कुबेर को प्रेषित करना सुनिश्चित किया जाएगा। डीडीओ को शाम 6 बजे से पहले बिल प्रस्तुत करने होंगे तथा भुगतान और डाटा की शुद्धता के लिए वे स्वयं जिम्मेदार रहेंगे। कोषालय अधिकारियों को आरबीआई से प्राप्त विवरणों के साथ सभी भुगतानों और अस्वीकृतियों का मिलान करना होगा।
एसएनए-स्पर्श और डीबीटी भुगतानों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। 31 मार्च को नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) की प्रस्तुति समय सीमा दोपहर 12 बजे से बढ़ाकर 3 बजे तक कर दी गई है। रसीदों के लिए पूर्व निर्धारित कट-ऑफ समय ही लागू रहेगा। वित्त सचिव (बजट) ने सभी विभागाध्यक्षों को मार्च के अंतिम सप्ताह के लेनदेन की सघन निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि अंतिम समय में दबाव की स्थिति न बने और वार्षिक लेखा समापन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

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