Kathak
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Read More... घुंघरुओं की गूंज में तांडव का तेज : जयपुर घराने का कथक रचता है लय और शक्ति की अद्भुत कहानी, राजस्थानी वीरता, शिव तांडव की ऊर्जा और कृष्ण भक्ति की कोमलता का अनोखा संगम
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By Jaipur
जयपुर का कथक घराना अपनी दमदार तकनीक, तेज चक्करों और जटिल लयकारी के लिए प्रसिद्ध है। भानुजी महाराज से शुरू हुई यह परंपरा तांडव की ऊर्जा और भक्ति की कोमलता का संगम है। कछवाहा राजाओं के संरक्षण में विकसित इस शैली में ताल, गति और सटीकता का अनोखा मेल देखने को मिलता है। Netathiate कार्यक्रमों की श्रृंखला में कथकगुरु ने कथक की बारीकियां की प्रस्तुत
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By Jaipur
कलाकारों ने मीरा के भजन म्हारा जूना जोशी सांवरो मिलन कद होसी और छाप तिलक सब छोड़ी रे मोसे से नैना मिलाके की मनमोहक प्रस्तुति से श्रोताओं को मोहित किया। 