नाके पर निगरानी, हर वाहन पर नजर : अपराध कर फरार होने की कोशिश की तो तुरंत दबोचे जाएंगे बदमाश, 40 नाकाबंदी पॉइंट और 200 पुलिसकर्मी, रोज 500 वाहनों की जांच
नाकाबंदी सिर्फ औपचारिकता नहीं
जयपुर में रात्रि नाकाबंदी अभियान ने सुरक्षा को नई मजबूती दी है। 40 नाकों पर 200 पुलिसकर्मी हर रात सक्रिय रहकर जनवरी–अप्रैल 2026 में 61,861 वाहनों की जांच कर चुके हैं। रोजाना 500+ वाहन चेक हो रहे हैं। इससे अपराध नियंत्रण, चोरी की गाड़ियों की बरामदगी और ट्रैफिक नियमों के पालन में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
जयपुर। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस की ओर से चलाया जा रहा रात्रि नाकाबंदी अभियान अब असरदार साबित हो रहा है। शहर में कुल 40 नाकाबंदी पॉइंट बनाए गए हैं, जहां हर पॉइंट पर 5 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इस तरह हर रात करीब 200 पुलिसकर्मी सड़कों पर मुस्तैदी से वाहनों की जांच कर रहे हैं। जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, इन चार महीनों में कुल 61861 वाहनों की चेकिंग की गई। यदि औसत की बात करें तो ही दिन पुलिस रोजाना करीब 500 से 520 वाहनों की जांच कर रही है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि हर नाके पर लगातार और व्यवस्थित तरीके से वाहनों की निगरानी की जा रही है।
नाकाबंदी सिर्फ औपचारिकता नहीं
चार महीनों के आंकड़े बताते हैं कि नाकाबंदी सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सख्त और योजनाबद्ध अभियान है। पुलिस की यह रणनीति अपराधों की रोकथाम में भी कारगर साबित हो रही है। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, चोरी की गाड़ियों की बरामदगी और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में नाकाबंदी अहम भूमिका निभा रही है।
यह होती है जांच
नाकाबंदी के दौरान हर गुजरने वाले वाहन को रोका जाता है और दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस, हैलमेट, सीट बेल्ट सहित अन्य यातायात नियमों की जांच की जाती है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर चालान किया जाता है, जबकि संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर वाहनों को जब्त भी किया जा रहा है।
जिलेवार नाकाबंदी का शिकंजा
यदि जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जिला पश्चिम सबसे आगे रहा, जहां चार महीनों में 20483 वाहनों की जांच की गई। जिला उत्तर में 18673 वाहन, जिला पूर्व में 14324 वाहन और जिला दक्षिण में 8381 वाहनों की जांच की गई।
मासिक ट्रेंड में भी दिलचस्प पैटर्न का हुआ खुलासा
- जनवरी में कुल 16622 वाहन चेक हुए, जिसमें उत्तर में 5354 और पश्चिम में 5075 आगे रहे।
- फरवरी में 14861 वाहन जांचे गए, यहां भी पश्चिम 4814 और उत्तर में 4530 का दबदबा रहा।
- मार्च में 15613 वाहनों की जांच में पश्चिम 5134 सबसे आगे रहा।
- अप्रैल में कुल 14765 वाहन चैक हुए जिसमें पश्चिम 5460 ने फिर बढ़त बनाई।
नाकाबंदी क्यों है असरदार
- रात के समय अपराधियों की मूवमेंट पर सीधा नियंत्रण
- चोरी, लूट और वाहन अपराधों में कमी
- संदिग्ध व्यक्तियों की तत्काल पहचान
- ट्रैफिक नियमों के पालन में सुधार
- पुलिस की विजिबिलिटी से आमजन में सुरक्षा का भरोसा
श हर में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की रात्रि नाकाबंदी व्यवस्था लगातार प्रभावी साबित हो रही है। शहर में बनाए गए 40 नाकाबंदी प्वाइंट्स पर हर नाके पर औसतन 5 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं।
-राजीव पचार, एडिशनल कमिश्नर, कानून-व्यवस्था

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