अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर लगाया हिंसा भड़काने का आरोप : भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने फूंक डाली 60 से अधिक दुकानें, निर्दोष लोगों की आजीविका रातोंरात नष्ट
शांति से रहने वाले आम नागरिकों पर एक सोची-समझी साजिश
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के खेजुरी में 60 से अधिक दुकानों में आगजनी का आरोप भाजपा समर्थित उपद्रवियों पर लगाया। उन्होंने कहा, हिंसा ने हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों की आजीविका तबाह की और बंगाल की सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रची गई। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के खेजुरी इलाके में हुई आगजनी की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने 60 से अधिक दुकानों में आग लगाई और राज्य में सांप्रदायिक सछ्वाव बिगाड़ने का प्रयास किया। अपने व्हाट्सएप चैनल पर पोस्ट किए गए एक संदेश में, बनर्जी ने हिजली शरीफ के निककसबा ग्राम चिकित्सालय से हुई हिंसा की निंदा की और इस घटना को बर्बरता से कम नहीं बताया। तृणमूल नेता ने भाजपा पर स्पष्ट रूप से राजनीतिक कटाक्ष करते हुए पूछा, क्या आप भोई को इसी तरह बंगाल से बाहर निकालना चाहते हैं? आग लगाकर? घटना में दर्जनों दुकानें नष्ट होने का दावा करते हुए बनर्जी ने कहा कि इस हमले ने धार्मिक पहचान की परवाह किए बिना आम लोगों की आजीविका को तबाह कर दिया है।
उन्होंने कहा, भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने 60 से अधिक दुकानों में आग लगा दी, जिससे निर्दोष लोगों की आजीविका रातोंरात नष्ट हो गई। हिंदू स्वामित्व वाली दुकानें हों या मुस्लिम स्वामित्व वाली, कोई फर्क नहीं पड़ा। यह किसी एक समुदाय पर हमला नहीं था; यह बंगाल की सामाजिक सछ्वाव, लोकतांत्रिक संरचना और शांति से रहने की चाह रखने वाले आम नागरिकों पर एक सोची-समझी साजिश थी। बनर्जी ने भाजपा पर नफरत, धमकी और विनाश की राजनीति करने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल अशांति फैलाने के ऐसे प्रयासों का कड़ा विरोध करेगा।
उन्होंने कहा, भाजपा की राजनीति का यही असली चेहरा है: नफरत, धमकी और विनाश। बंगाल ऐसी हिंसा के आगे कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आगे कहा, इस शर्मनाक कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। ये आरोप पश्चिम बंगाल में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जारी राजनीतिक तनाव के बीच आए हैं, जहां चुनाव के बाद झड़पें और राजनीतिक हिंसा के आरोप हावी हैं।

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