इंसानियत शर्मसार : 83 लाख बीमा क्लेम के लिए साजिश, शव को माचिस की तीली से जलाया ; तीन गिरफ्तार
मामला गंभीर और संगठित अपराध का हिस्सा
रूह कंपा देने वाले फजीर्वाड़े का खुलासा हुआ है, जहां चंद रुपयों की खातिर एक इंसान की मौत का भी सौदा। बीमा क्लेम की मोटी रकम हड़पने के चक्कर में गिरोह ने गुजरात के एक युवक की मौत के बाद उसके शव को करंट लगाकर हादसे का रूप देने की नाकाम साजिश।
भीलवाड़ा। जिले के मांडल क्षेत्र में एक रूह कंपा देने वाले फजीर्वाड़े का खुलासा हुआ है, जहां चंद रुपयों की खातिर एक इंसान की मौत का भी सौदा कर लिया गया। बीमा क्लेम की मोटी रकम हड़पने के चक्कर में गिरोह ने गुजरात के एक युवक की मौत के बाद उसके शव को करंट लगाकर हादसे का रूप देने की नाकाम साजिश रची। ड्यूटी डॉक्टर की पैनी नजर और पुलिस की तत्परता से इस संगठित अपराध के नेटवर्क की परतें उधड़ गई हैं। गांधी नगर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार अहमदाबाद के नरोदा निवासी दीपक भाई गोयल (36) गंभीर रूप से बीमार था। गिरोह के सदस्य उसे मौत से ठीक एक दिन पहले गुजरात से मांडल के मालोला गांव लेकर आए थे। जहां उसे डालू गाडरी के घर रखा। रात में दीपक की मौत होते ही आरोपियों ने उसके मृत शरीर को तीली से जलाया व करंट लगाया, जिससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण करंट दर्शाया जा सके और करीब 83 लाख रुपए का बीमा क्लेम उठाया जा सके।
जब आरोपी शव को मांडल उपजिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, तो वहां तैनात ड्यूटी डॉक्टर को युवक के शरीर पर मिले निशानों और परिजनों के बयानों में भारी विरोधाभास नजर आया। मामला संदिग्ध लगने पर चिकित्सक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की शुरूआती सख्ती और मृतक के 12 वर्षीय पुत्र देवांशू के बयानों ने गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया। मृतक की मां चम्पा बेन गोयल की रिपोर्ट पर गांधीनगर थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी विश्वास, सूरज, कार चालक भीका उर्फ भरत, मालोला निवासी डालू गाडरी, नरेन्द्र गाडरी, राकेश उर्फ वरूण सांसी सहित अन्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सूरज, डालू गाडरी व कार चालक को हिरासत में ले लिया है।
आधार कार्ड नहीं होने का बहाना बना लाए भीलवाड़ा
पुलिस के अनुसार, अहमदाबाद निवासी चम्पा बैन ने रिपोर्ट दी कि उनका बेटा दीपक गोयल बीमार था। 7 मई को उसे अहमदाबाद के अस्पताल ले गए, जहां आधार कार्ड न होने पर साथ मौजूद विश्वास और सूरज ने बेहतर इलाज का झांसा देकर उसे भीलवाड़ा चलने को कहा। आरोपी दीपक को कार से भीलवाड़ा के मालौला गांव ले आए, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।
इनका कहना है
मामला गंभीर और संगठित अपराध का हिस्सा लग रहा है। बीमा एजेंट और सर्वेयर की भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द ही गिरोह के मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-धर्मेंद्र सिंह यादव , जिला पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा

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