औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026 : निजी डेवलपर्स के माध्यम से विकसित होंगे पार्क, आवेदन एक जून से
लगभग 374 हेक्टेयर में पार्क होंगे विकसित
जयपुर। औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति के तहत अब रीको ने प्राइवेट डेवलपर्स के माध्यम से औद्योगिक पार्क विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नीति के मॉडल ए और डी के तहत प्रदेश के 9 स्थानों पर 645 हेक्टेयर भूमि में नए पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके लिए एक जून से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। रीको प्रबंध निदेशक सुरेश ओला ने बताया कि प्रदेश में विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्कों का विकास, भूमि-जल-ऊर्जा संसाधनों का वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग तथा लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से यह नीति लागू की गई है। इससे विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्कों का विकास होगा।
मॉडल-ए : लगभग 374 हेक्टेयर में पार्क होंगे विकसित
ओला ने बताया कि मॉडल ए के तहत रीको से आवंटित लगभग 374 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर निजी डवलपर के माध्यम से पार्कों का विकास किया जाएगा। इन चिह्नित स्थानों में बालोतरा के वेदरलाई गांव में करीब 58 हेक्टेयर, धौलपुर के बिजौली गांव में करीब 38 हेक्टेयर, चित्तौड़गढ़ के नरबदिया गांव में करीब 23 हेक्टेयर, भीलवाड़ा के कोड़िया गांव में करीब 21 हेक्टेयर, दौसा के राजाहेड़ा, गूढ़ा आशिकपुरा और नूरपुर गांव में करीब 135 हेक्टेयर, बूंदी के मायेजा गांव में करीब 27 हेक्टेयर और डीडवाना कुचामन के भाकरी मोलास गांव में करीब 72 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
मॉडल-डी : 271 हेक्टेयर में पार्क होंगे विकसित
ओला ने बताया कि मॉडल डी के तहत पीपीपी मोड पर कुल 271 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। अजमेर के कनईकलां गांव में करीब 107 हेक्टेयर भूमि तथा दौसा के कोटवालों का बास, नांगल झामरवाड़ा, रालतवाता और सुधरामपाड़ा गांव में करीब 164 हेक्टेयर भूमि शामिल है। वहीं औद्यौगिक पार्क प्रोत्साहन नीति के तहत निजी क्षेत्रों में औद्योगिक पार्कों को चार विकास मॉडलों पर विकसित किया जाएगा।

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