टेलीस्कोप का आविष्कार यूरोप में या भारत में ?? ऑस्ट्रेलियाई ट्रैवलर लियम रिचर्ड्स के वीडियो ने छेड़ी नई बहस 

होयसला मंदिर का वीडियो हुआ वायरल

टेलीस्कोप का आविष्कार यूरोप में या भारत में ?? ऑस्ट्रेलियाई ट्रैवलर लियम रिचर्ड्स के वीडियो ने छेड़ी नई बहस 

बेंगलुरु के होयसला मंदिर की एक प्राचीन नक्काशी ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। ऑस्ट्रेलियाई ट्रैवलर लियम रिचर्ड्स ने दावा किया कि नक्काशी में टेलीस्कोप जैसा उपकरण दिखता है, जो उसके आधिकारिक आविष्कार से 500-600 साल पुराना है। वीडियो के बाद भारत की प्राचीन विज्ञान-कला पर चर्चा तेज हो गई है।

बेंगलूरू। कर्नाटक के प्रसिद्ध होयसला मंदिरों में सदियों पुराने पत्थर पर बनी एक नक्काशी ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। एक ऑस्ट्रेलियाई यात्री ने दावा किया है कि मंदिर की दीवार पर ऐसा चित्र उकेरा गया है, जिसमें एक व्यक्ति हाथ में टेलीस्कोप जैसा उपकरण पकड़े दिखाई देता है। वह भी उस समय जब इतिहास के अनुसार दुनिया में टेलीस्कोप का आविष्कार ही नहीं हुआ था। ऑस्ट्रेलियाई ट्रैवलर लियम रिचर्ड्स, जो इंस्टाग्राम पर ट्रैवल व्लॉग्स शेयर करते हैं ने होयसला मंदिर से एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कैप्शन लिखा- यह वीडियो आपका दिमाग खोल देगा। वीडियो में वह कैमरे की ओर देखते हुए कहते हैं कि इतिहास की किताबों ने हमसे फिर झूठ बोला है। टेलीस्कोप के लिए कहा जाता है कि इसका आविष्कार 1608 में नीदरलैंड में हुआ था।

कोई शक नहीं कि यह टेलीस्कोप ही है :

इसके बाद वह मंदिर की दीवार पर उकेरी गई नक्काशी की ओर इशारा करते हैं और कहते हैं लेकिन देखिए, इस आविष्कार से 500-600 साल पहले ही यहां भारत में इसे पत्थर में तराश दिया गया है। इसे देखिए - वीडियो में दिखाई देता है कि एक छोटा-सा आकृति-चित्र हाथ में लम्बी नली जैसी वस्तु आंख से लगाए ऊपर की ओर देख रही है। रिचर्ड्स उत्साह में कहते हैं-देखिए इसे- मेरे हाथ से भी छोटा है, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि यह टेलीस्कोप ही है। यह जगह वाकई अद्भुत है। वह मंदिर की विशालता और कारीगरी की भी खूब तारीफ करते हैं।

भारतीय अपने समय से आगे थे :

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रिचर्ड्स का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर ने भारत की प्राचीन विज्ञान और कला पर गर्व जताया। एक यूजर ने लिखा कि भारतीय अपने समय से आगे थे, जब यूरोप वाले गुफाओं में रह रहे थे, तब यहां शहर बस रहे थे। एक अन्य यूजर ने लिखा कि होयसला मंदिर वास्तव में दुनिया के आश्चर्यों में शामिल होने लायक है। कर्नाटक के होयसला मंदिर अपनी बारीक नक्काशी और अनोखी स्थापत्य शैली के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं। यहां आने वाले इतिहासकार, पुरातत्वविद और यात्री अक्सर इसकी कलात्मक गहराई पर चकित रह जाते हैं। इस वीडियो ने एक बार फिर दिखा दिया है कि भारत के प्राचीन मंदिरों में सिर्फ कला ही नहीं, बल्कि कई रहस्य भी छिपे हैं जो आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं।

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