विपक्ष ने बजट में पूंजीगत व्यय और राज्यों के आवंटन में कमी पर सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष बोला यह देश की आकांक्षाओं को करेगा पूरा

राज्यसभा में बजट पर तीखी बहस

विपक्ष ने बजट में पूंजीगत व्यय और राज्यों के आवंटन में कमी पर सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष बोला यह देश की आकांक्षाओं को करेगा पूरा

राज्यसभा में बजट पर विपक्ष ने कटौती, बेरोजगारी पर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष ने इसे विकसित भारत की दिशा में जनआकांक्षाओं को पूरा करने वाला बताया।

नई दिल्ली। राज्यसभा में आम बजट को लेकर सोमवार को विपक्ष और सत्ता पक्ष ने अपनी- अपनी दलीलें दी जिसमें विपक्षी दलों ने जहां बजट में पूंजीगत व्यय, मंत्रालयों और राज्यों के आवंटन में कमी तथा पिछले वादों को पूरा नहीं करने का मुद्दा उठाया वहीं सत्ता पक्ष ने इसे लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा देश को विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढाने वाला बजट करार दिया। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम ने बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय के साथ-साथ रक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शहरी आवास और सामाजिक कल्याण के आवंटन में कमी की गयी है। उन्होंने मुख्य रूप से पूंजीगत निवेश में कमी, बढती बेरोजगारी और धीमी विकास दर को लेकर सरकार को घेरते हुए कटाक्ष किया कि उसकी रिफॉर्म एक्सप्रेस पटरी से उतर गयी है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक सर्वेक्षण में बयान की गयी हकीकतों की अनदेखी की गयी है।

बजट पर अपनी सटीक प्रतिक्रिया करते हुए उन्होंने कहा, यह बजट सतर्क है, कंजूस है और बीते वर्ष को भुला देने वाला है,यह जल्द ही परिदृश्य से ग़ायब हो जाएगा। यह अखबारों से भी ग़ायब हो चुका है और किसी और सौदे तथा किसी और मंत्री ने सुर्खयिाँ घेर ली है। यह एक भुला दिए जाने वाला बजट है, जिसे एक ऐसी वित्त मंत्री ने तैयार किया है जिसने पिछले साल सदन में किए गए अपने वादों को भुला दिया। 

चिदम्बरम ने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर 15 प्रतिशत पहुंच गयी है और 25 प्रतिशत से भी कम कार्यबल के पास नियमित रोजगार है। लोगों को अपने काम करने की ओर रुख करना पड़ रहा है।  प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2024-24 में बहुत अधिक घट गया है और निजी निवेश भी 22 प्रतिशत पर आ गया है। उन्होंने कहा कि निवेश नहीं आने के बावजूद सरकार ने पूंजीगत व्यय में 44 लाख करोड़ की कमी की है। 

कांग्रेस सदस्य ने कहा कि कुल मिलाकर देखें तो सरकार ने पूंजीगत खर्च में एक लाख करोड़ रुपये की कमी लेकिन रिजर्व बैंक ने ही तीन लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया है तो फिर यह कमी क्यों की गयी। उन्होंने कहा कि अजीब स्थिति है कि निवेश भी नहीं आ रहा है और सरकार भी पूंजीगत खर्च कम रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के लिए पैसे का आवंटन कम कर दिया है। जल जीवन मिशन में पिछले वर्ष केवल 17 हजार करोड रुपये का खर्च किया गया है और इस बार सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये की कमी कर दी। उन्होंने कहा कि राज्यों को दी जाने वाली राशि में 

Read More पीयूष गोयल का संसद को आश्वासन, कहा भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता में खाद्य, कृषि क्षेत्र की संवेदनशीलता का रखा ध्यान 

33 हजार करोड़ रुपये की कमी की गयी है। सदस्य ने कहा कि रक्षा क्षेत्र का बजट जीडीपी का 1.6 प्रतिशत है जो काफी कम है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बजट में भी कमी की गई है। चिदम्बरम ने कहा कि बायो फार्मा क्षेत्र के लिए बजट में पांच वर्ष के लिए दस हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जिसमें से आगामी वित्त वर्ष के लिए केवल 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

Read More विद्याधर नगर में दर्दनाक सड़क हादसा : तेज रफ्तार कार ने तीन साइकिल सवार मजदूरों को कुचला, एक की मौत

सत्तापक्ष के अरूण सिंह ने कहा कि विपक्ष आलोचना करते समय इस बात को भूल जाता है कि उसके समय में बजट के लिए किया जाने वाला आवंटन अब 16. 6 करोड से बढकर 53.5 लाख करोड रुपये पहुंच गया है जो तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि यह देश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा विकसित भारत के लिए आर्थिक प्रगति को तेज करने का संकल्प दिखता है। 

Read More भारत से रूसी तेल की खरीद बंद करने का हमें कोई संदेश नहीं: क्रेमलिन

उन्होंने कहा कि बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वित्तीय घाटे का 4.3 प्रतिशत का लक्ष्य सराहनीय है और उसे देखते हुए पूंजीगत खर्च को धीरे धीरे बढाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च बढकर बजट का 22.8 प्रतिशत पहुंच गया है जो कांग्रेस के समय 6.7 प्रतिशत था। 

सत्तापक्ष के नेता ने कहा कि सरकार की नीतियों और सुधार प्रक्रिया से लोगों का उस पर भरोसा बढा है और आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या कांग्रेस के समय के चार करोड से बढकर नौ करोड़ पहुंच गयी है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में और मोबाइल के क्षेत्र में निर्यात निरंतर बढ रहा है। इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में भी निर्यात पहले की तुलना में तीन गुना बढा है। उन्होंने कहा कि चालू खाते का घाटा भी जल्दी ही सरपल्स पर चला जायेगा। साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार लगातार बढ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े देशों के साथ व्यापार समझौते किये हैं जिससे भारत के प्रति बढते विश्वास का पता चलता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों में महंगाई की दर 9.4 प्रतिशत थी जो अब 2.4 प्रतिशत से भी कम है। बजट में आवास क्षेत्र के लिए 85 हजार करोड का बजट आवंटित किया गया है। किसानों और गरीबों का आर्थिक सशक्तीकरण किया जा रहा है। विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस बार विकसित भारत जी राम जी का बजट 42 प्रतिशत बढाकर 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये किया गया है। 

तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह खामोश है। उन्होंने सवाल किया कि जब राज्यों का बजट कम किया जायेगा तो देश विकास कैसे करेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसके छह बजट बिना जनगणना के लाये गये हैं ऐसे में इन बजटों के आवंटन को कैसे सही माना जा सकता है। उन्होंने जनगणना में स्व गणना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने यह काम कोविड के समय जनगणना रोकने के बजाय उस समय क्यों नहीं किया। 

उन्होंने जन धन योजना के 13 करोड़ खाते बंद किये जाने का उल्लेख करते हुए सरकार के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर करने के दावों पर भी सवाल उठाया। सदस्य ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के विकास और जीडीपी के आंकड़ों को लेकर बेस ईयर पर सवाल उठाया है लेकिन सरकार पर इसका असर नहीं है। बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कितने युवाओं को रोजगार दिया इसकी संख्या कभी नहीं बतायी जाती। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी 40 प्रतिशत कम हुई है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनसे रुपया गिर रहा है। 

तृणमूल नेता ने राज्यों के साथ भेदभाव का सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल का दो लाख करोड़ रुपया रोका गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य का मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना का सबसे अधिक पैसा रोका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) ला रही है।

द्रमुक के पी विल्सन ने कहा कि भारत का कर्ज निरंतर बढ रहा है और इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने तथा कर्ज को कम करने की कोई योजना नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर आशंकाओं को दूर नहीं किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि भारत ने इस समझौते में अमेरिका से 500 अरब डालर की खरीद की प्रतिबद्धता जतायी है। इसे एकतरफा समझौता बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत जीरो टैरिफ लगा रहा है तो अमेरिका की ओर से 18 प्रतिशत टैरिफ क्यों लगाया जा रहा है। उन्होंने कर धोखाधड़ी कर विदेश भागने वाले भगोड़ों को जल्द देश लाये जाने की मांग की। 

उन्होंने कहा कि सरकार अमृत और स्मार्ट सिटी के लिए बजट को नहीं बढा रही है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अपने वादे को भी पूरा नहीं कर रही। 

Post Comment

Comment List

Latest News

विपक्ष ने बजट में पूंजीगत व्यय और राज्यों के आवंटन में कमी पर सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष बोला यह देश की आकांक्षाओं को करेगा पूरा विपक्ष ने बजट में पूंजीगत व्यय और राज्यों के आवंटन में कमी पर सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष बोला यह देश की आकांक्षाओं को करेगा पूरा
राज्यसभा में बजट पर विपक्ष ने कटौती, बेरोजगारी पर सवाल उठाए, जबकि सत्तापक्ष ने इसे विकसित भारत की दिशा में...
तुर्की में एक टन से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त, 144 तस्कर गिरफ्तार, तलाशी अभियान जारी
राज्य स्तरीय वन मेले का भव्य शुभारंभ, आदिवासी उत्पादों को मिलेगा सशक्त बाजार
नीरज जैन होंगे मेडल ऑफ मैरिट से सम्मानित, राज्यपाल बागडे राज्य स्तरीय समारोह में करेंगे सम्मानित
नकल रहित परीक्षा के लिए मध्य प्रदेश कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जल्द शुरू होगी 12वीं कक्षा की प​रीक्षाएं
थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने किया चुनाव जीतने का ऐलान, भारी बहुतम हासिल करने का दावा
यात्रियों की सुविधा हेतु मदार-रोहतक-मदार स्पेशल (प्रतिदिन) रेलसेवा का संचालन