भाजपा ने आप पार्टी और केजरीवाल पर साधा निशाना : संदीप पाठक के घर छापे की निंदा की, भगवंत मान के नशे में विधानसभा जाने को लेकर मांगा स्पष्टीकरण
स्थिति पर नियंत्रण न करके पाठक के घर छापा मारा जाता है
राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के घर पंजाब पुलिस की छापेमारी की कड़ी निंदा की। प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इसे कानून-व्यवस्था से भटकाव बताया और केजरीवाल से जवाब मांगा। साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा में नशे में होने के आरोप पर भी स्पष्टीकरण की मांग की, जिससे राजनीतिक विवाद तेज हो गया।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के घर पंजाब पुलिस की ओर से छापा मारे जाने की निंदा की है और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के शराब के नशे में धुत होकर विधानसभा सभा में जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, पंजाब पुलिस ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के घर पर छापा मारने की कोशिश की। हम पंजाब सरकार से यह सवाल पूछना चाहते हैं कि एक ऐसा राज्य जहाँ कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी इतनी लचर है कि आपकी पुलिस न ड्रग वालों को पकड़ पा रही है। पवित्र हरमंदिर साहिब के गेट पर गोली चल जाती है, जहां पर पुलिस अधिकारियों के कार्यालय पर हमला हो जाता है, लेकिन वहां पर स्थिति पर नियंत्रण न करके पाठक के घर छापा मारा जाता है। ऐसा क्यों किया जाता है।
उन्होंने कहा, मेरा सवाल केजरीवाल से है, जो खुद को इस नई राजनीति का अलंबरदार बताते हैं, पंजाब विधानसभा में विपक्ष ने कल ही मुख्यमंत्री भगवंत मान पर एक गंभीर आरोप लगाया था, जिसमें उन पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया गया था। इसके बारे में भी केजरीवाल को स्पष्टीकरण देनी चाहिए। उन्होंने आप और पंजाब सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, कागज का है लिबास, चिरागों का शहर है, चलना संभल-संभल के, क्योंकि तुम नशे में हो।
गौरतलब है कि हाल ही में आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने गैर जमानती धाराओं को तहत दो प्राथमिकी दर्ज की है। सूत्रों के मुताबिक इस सिलसिले में पंजाब पुलिस शनिवार को दिल्ली में पाठक के सरकारी आवास पर पहुंची थी, लेकिन वह अपने आवास के पिछले दरवाजे से निकल गये।

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