असम विधानसभा चुनाव : भाजपा की सूची में शामिल होंगे साधारण पृष्ठभूमि के उम्मीदवार, सरमा ने कहा- कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची वंशवाद राजनीति का प्रतिबिंब
कांग्रेस और भाजपा की राजनीतिक विचारधारा का अंत
गुवाहाटी में असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस की 42 उम्मीदवारों वाली पहली सूची को “वंशवाद की राजनीति”। भाजपा आम पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती है। गोगोई को जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से उतारा।
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा चुनावी मैदान के लिए उतारे गये उम्मीदवारों की जारी पहली सूची को वंशवाद राजनीति का प्रतिबिंब करार दिया है। कांग्रेस ने 42 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की है, जिसमें असम प्रदेश कांग्रेस समिति (एपीसीसी) अध्यक्ष गौरव गोगोई, असम में विपक्ष के नेता देबब्रता सैकिया आदि शामिल हैं। गोगोई को जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से उतारा गया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि अगर आप कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची देखेंग, तो यह वंशवादी राजनीति का प्रतिबिंब है। इस सूची में गौरव गोगोई, पूर्व मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया के बेटे देबब्रत सैकिया, लोकसभा सांसद प्रदयुत बोरदोलोई के पुत्र प्रतीक बोरदोलोई सहित कई अन्य शामिल हैं। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की सूची की तुलना भाजपा की सूची से भी की और कहा कि कांग्रेस की वंशवाद राजनीति के विपरीत, भाजपा की सूची में तेरश गोवाला और जोगेन महान जैसे आम लोग शामिल हैं, जो साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं।
सरमा ने कहा कि यही कांग्रेस और भाजपा की राजनीतिक विचारधारा का अंतर है। उन्होंने कहा, कांग्रेस हमेशा वंशवाद की राजनीति को प्राथमिकता देती रही है, जबकि भाजपा हमेशा साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों या आम लोगों को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के उम्मीदवारों की सूची में अधिकतर साधारण पृष्ठभूमि के उम्मीदवार शामिल होंगे।

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