भारतीय हॉकी टीम की जर्सी विवाद पर भड़के खरगे, बोले- करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से खिलवाड़, फैसला तुरंत वापस लो

राष्ट्रीय खेल और तिरंगे के सम्मान से न करें खिलवाड़

भारतीय हॉकी टीम की जर्सी विवाद पर भड़के खरगे, बोले- करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से खिलवाड़, फैसला तुरंत वापस लो
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी के रंग में बदलाव की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे करोड़ों खेल प्रेमियों की भावनाओं और ऐतिहासिक पहचान का अनादर बताते हुए सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने और पुरानी जर्सी को बहाल करने की मांग की।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग बदलने के फैसले की तीखी आलोचना करते हुए इसे करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का अपमान बताया और कहा कि जनभावनाओं को देखते हुए इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए। खरगे ने शनिवार को सरकार और संबंधित खेल अधिकारियों से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा, "हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना सिर्फ एक खेल संबंधी निर्णय नहीं है बल्कि यह देश की खेल परंपरा, खिलाड़ियों की पहचान और जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा है। वर्षों से भारतीय हॉकी टीम 'मेन इन ब्लू', 'द ब्लूज़' और 'ब्लू टाइगर्स' के नाम से विश्व पटल पर पहचानी जाती रही है। इस ऐतिहासिक पहचान को बिना किसी ठोस वजह के बदलने की क्या आवश्यकता थी।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने फैसले की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि इतना महत्वपूर्ण निर्णय हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड की जानकारी और सहमति के बिना कैसे लिया गया। उन्होंने मांग की है कि सरकार और हॉकी इंडिया को इस पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए और सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए। खरगे ने कहा कि केसरिया, सफेद और हरा-ये तीनों रंग भारतीय तिरंगे में समान सम्मान के साथ मौजूद हैं। इन रंगों को बदलने का प्रयास राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ है। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) पर हमला करते हुए कहा कि जिनकी स्वतंत्रता आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही, वे अब राष्ट्रीय संस्थाओं और खेलों पर अपनी वैचारिक छाप छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने याद दिलाया कि आरएसएस ने ऐतिहासिक रूप से तिरंगे का विरोध किया था और सरदार वल्लभभाई पटेल ने उन्हें चेतावनी भी दी थी।

पार्टी ने कहा कि पहले सड़क के पेवमेंट, संसद कर्मचारियों की वर्दी, दूरदर्शन का लोगो और अब खिलाड़ियों की जर्सी -इन सभी जगहों पर बिना व्यापक सहमति के बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों, खेल भावना और खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रयोग का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय की जाए और खिलाड़ियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मूल जर्सी रंग को बहाल किया जाए।

 

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