मोदी ने नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का किया उद्घाटन : भाजपा सरकार ने हवाई सफर को गरीबों के लिए बनाया सुलभ, कहा- पूर्ववर्ती सरकारों ने एयरपोर्ट के काम को जानबूझकर अटकाया
अब छोटे-छोटे शहरों में भी कनेक्टिविटी पहुंच रही
प्रधानमंत्री ने जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर कहा कि सरकार ने हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाया है। देश में एयरपोर्ट 74 से बढ़कर 160+ हुए। उड़ान योजना से 1.6 करोड़ लोगों को लाभ मिला। नए एयरपोर्ट, हेलीपैड और एमआरओ से रोजगार व विकास को गति मिलेगी।
नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पहले की सरकारें हवाई यात्रा की सुविधा को सिर्फ अमीरों के लिए मानती थीं, जबकि मौजूदा सरकार ने इसे गरीबों के लिए भी सुलभ कर दिया है। मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 12 साल में देश में एविएशन सेक्टर का तेजी से विकास हुआ है, जिससे युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें मानती थीं कि हवाई यात्रा सिर्फ अमीरों के लिए होनी चाहिये, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उसे गरीबों के लिए भी सुलभ कर दिया है। उन्होंने केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार और उत्तर प्रदेश की सपा और बसपा की सरकारों पर नोएडा एयरपोर्ट के काम को जानबूझकर अटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2014 से पहले देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे। आज 160 से ज्यादा हो गये हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में अब 17 हवाई अड्डे हैं। अब छोटे-छोटे शहरों में भी कनेक्टिविटी पहुंच रही है।
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि एयरपोर्ट भी बने और किराया भी बहुत अधिक न हो। इसलिए,उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना शुरू की गयी है। इस योजना के तहत अबतक 1.60 करोड़ लोग रियायती दरों पर टिकट लेकर हवाई सफर कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने हाल ही में उड़ान योजना के अगले चरण के लिए लगभग 29 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसके तहत अगले आठ साल में छोटे-छोटे शहरों में 100 नये हवाई अड्डे और 200 से अधिक हेलीपैड बनाने की योजना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का विमानन क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है। इसके साथ विमानों की जरूरत भी बढ़ रही है। भारतीय विमान सेवा कंपनियों ने सैकड़ों विमानों के ऑर्डर दिये हैं। इनको उड़ाने, रखरखाव आदि के लिए बहुत बड़ी संख्या में कार्यबल की जरूरत होगी। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्र खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले देश में विमानों की रखरखाव, मरम्मत और ओवर हॉलिंग (एमआरओ) की पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। आज भी 85 प्रतिशत विमानों को एमआरओ के लिए विदेश भेजना पड़ता है। मौजूदा सरकार ने एमआरओ में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने की ठानी है। इसमें भी बड़ी संख्या में रोजगार मिलेंगे। मोदी ने कहा कि आज उन्होंने नोएडा हवाई अड्डे के उद्घाटन के साथ यहां जिस एमआरओ सुविधा की आधारशिला रखी है उसके शुरू होने पर देश-विदेश के विमानों की यहां मरम्मत होगी। इससे देश की कमाई भी होगी और युवाओं को रोजगार भी मिलेंगे।

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