पीएम मोदी ने दांडी मार्च में हिस्सा लेने वालों को नमन करते हुए दी श्रद्धांजलि, सच्चाई और नेकी के विचारों को किया याद
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक दांडी मार्च की वर्षगांठ पर महात्मा गांधी और वीर सत्याग्रहियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 1930 के नमक आंदोलन की अटूट हिम्मत को याद करते हुए 'सत्यमेव जयते' का संदेश साझा किया। साबरमती से दांडी तक की यह 390 किमी की यात्रा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए आज भी प्रेरणा का प्रतीक है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक दांडी मार्च की वर्षगांठ पर उसमें हिस्सा लेने वाले लोगों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। पीएम मोदी ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट किए गए एक संदेश में उन नेताओं और स्वयंसेवकों को याद किया जिन्होंने 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में ब्रिटिश शासन के खिलाफ बड़े सविनय अवज्ञा आंदोलन के हिस्से के तौर पर मार्च में हिस्सा लिया था।
प्रधानमंत्री ने लिखा, सन 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों का श्रद्धापूर्व स्मरण। उन्होंने उन लोगों की हिम्मत और कुर्बानी को याद किया जो नमक कानूनों के खिलाफ मार्च में शामिल हुए थे। पीएम मोदी ने सच्चाई और नेकी के विचार से जुड़े एक संस्कृत श्लोक का भी जिक्र करते हुए लिखा, सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयान:, येन आक्रमंति ऋषयो ह्याप्तकाम यत्र तत् सत्यस्य परमं निधनम्।
उल्लेखनीय है कि, दांडी मार्च 12 मार्च, 1930 को शुरू हुआ, जब महात्मा गांधी और उनके समर्थकों का एक समूह अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से गुजरात के तटीय गांव दांडी तक 24 दिन, लगभग 390 किलोमीटर की यात्रा पर निकला था। इस मार्च का मकसद नमक उत्पादन और कर पर ब्रिटिश एकाधिकार को चुनौती देना था। छह अप्रैल, 1930 को गांधीजी ने दांडी में समुद्र के पानी से नमक बनाकर सांकेतिक रूप से नमक कानून तोड़ा। इससे पूरे देश में बड़े पैमाने पर सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की ओर दुनिया का ध्यान गया।

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