राजनीति विज्ञानी एवं महान लेखक माइकल परेंटी का निधन, डिमेंशिया से थे पीड़ित
अमेरिकी विचारक माइकल परेंटी का निधन
अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक और लेखक माइकल परेंटी का 92 वर्ष की आयु में कैलिफोर्निया में निधन हुआ। वे साम्राज्यवाद, पूंजीवाद की आलोचना और स्वतंत्र विचारधारा के लिए प्रसिद्ध थे।
कैलिफोर्निया। अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक, लेखक और शिक्षक माइकल परेंटी (92 वर्ष) का शनिवार को यहां उनके आवास पर निधन हो गया। उनकी मृत्यु की जानकारी उनके पुत्र क्रिश्चियन परेंटी ने देते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों से वे डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) से जूझ रहे थे।
परेंटी की लेखनी साम्राज्यवाद, पूंजीवाद और कॉर्पोरेट साम्राज्यवाद के खिलाफ खूब चली और इस बात पर जोर देने के समर्थक थे कि राजनीति को वर्गीय हितों और हालात के नजरिये से देखा एवं जांचा जाना चाहिए।
न्यूयॉर्क में 30 सितंबर 1933 को जन्मे परेंटी ने 'डेमोक्रेसी फॉर द फ्यू','इन्वेंटिंग रियलिटी' और 'ब्लैक शट्स एडं रेड्स' जैसी प्रभावशाली पुस्तकें लिखीं। उन्होंने शैक्षणिक शोध को एक ऐसी वाद-विवादात्मक शैली के साथ जोड़ा, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के दायरे से बाहर के पाठकों तक पहुंचना था। उनके कार्यों ने अमेरिकी विदेश नीति, मीडिया की भूमिका और उदार लोकतंत्र के स्वरूप पर स्थापित विमर्शों को चुनौती दी।
प्रतिभाशाली वक्ता परेंटी को उनकी इस क्षमता के लिए भी सराहा जाता था कि वे जटिल राजनीतिक और ऐतिहासिक तर्कों को उनके मूल तत्व से समझौता किये बिना सरल और सुलभ बना देते थे। अपने अडिग और समझौता विहीन रुख के कारण हालांकि वे अक्सर मुख्यधारा के अकादमिक जगत और मीडिया के निशाने पर रहे, फिर भी स्वतंत्र सोच की प्रमुख तार्किक आवाज बने रहे। उन्होंने महज स्वीकार्यता या करियर में उन्नति के लिए अपने विश्लेषण और विचार को कभी नरम नहीं पडऩे दिया।

Comment List