पेपर लीक पर राहुल गांधी का वार, बोले- छात्रों पर पैलेटगन चलाने वालों पर हो कार्रवाई, धर्मेंद्र प्रधान को बताया 'अपराधी मंत्री'
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 'अपराधी मंत्री' करार देते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने, छात्रों पर पैलेटगन तथा लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युवाओं से माफी मांगने की मांग दोहराई। राहुल गांधी ने शुक्रवार को यहां पैलेटगन और लाठीचार्ज में घायल युवक के साथ पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इन छात्रों और उनके परिवार के लोगों ने वर्षों की मेहनत और पैसा खर्च कर परीक्षाओं की तैयारी की है लेकिन पेपर लीक ने उनका भविष्य दांव पर लगा दिया है। उनका कहना था कि श्री प्रधान शिक्षा व्यवस्था के पतन का प्रतीक बन गए हैं और उनके कार्यकाल में लगातार पेपर लीक होने के कारण हजारों छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।
आंदोलन के बीच पैलेटगन से घायल एक युवा को मीडिया के सामने पेश करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "यह पैलेटगन के इस्तेमाल से घायल युवा है। इनकी आंख को चोट पहुंची है और उसे ठीक से दिखाई नहीं दे रहा है। ये भारत का भविष्य हैं। हजारों युवाओं पर पैलेटगन चलाई गई, लाठियां बरसाई गईं और उन पर हमला किया गया जबकि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि जिस परीक्षा के लिए उन्होंने तैयारी की और वर्षों तक मेहनत से की, उसका प्रश्नपत्र लीक हो गया।"
उन्होंने कहा कि यह छात्र शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा था। यह हाथों में तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था तब इसे पैलेट गन से मारा गया। सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है। इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया जिससे इनको दिखना बंद हो गया है। वो भी इसलिए क्योंकि इन युवाओं का पेपर लीक हुआ है, जिसके खिलाफ ये प्रदर्शन कर रहे थे।" राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने न सिर्फ हमारी शिक्षा व्यवस्था पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया बल्कि उसे बढ़ावा भी दिया और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने इसी दौरान श्री प्रधान को अपराधी मंत्री करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों के साथ उनकी भी तीन मांगें हैं कि धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं, दूसरी मांग प्रधानमंत्री छात्रों से माफ़ी मांगे और छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।

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