भारत को अरब सागर से हिंद महासागर तक खतरा, पाकिस्तान ने एआईपी पनडुब्बियों से नौसेना क्षेत्र में बनाई बढ़त
नौसेना का बैकअप प्लान क्या है ?
पाकिस्तानी नौसेना इन दिनों एक क्षेत्र में भारतीय नौसेना से चार गुना आगे निकल गई है। यह क्षेत्र एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) सिस्टम से लैस पनडुब्बियों की तैनाती का है। पाकिस्तानी नौसेना एआईपी तकनीक से लैस चार पनडुब्बियों का संचालन कर रही है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी नौसेना इन दिनों एक क्षेत्र में भारतीय नौसेना से चार गुना आगे निकल गई है। यह क्षेत्र एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) सिस्टम से लैस पनडुब्बियों की तैनाती का है। पाकिस्तानी नौसेना एआईपी तकनीक से लैस चार पनडुब्बियों का संचालन कर रही है। वहीं, भारतीय नौसेना अभी भी इस सिस्टम से लैस पहली पनडुब्बी को पाने के इंतजार में है। पाकिस्तानी नौसेना की एआईपी सिस्टम से लैस ये पनडुब्बियां तेजी से बदलते हालात के दौरान भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। इन पनडुब्बियों को डिटेक्ट करना भारतीय नौसेना के लिए टेढ़ी खीर हो सकता है। ऐसे में पाकिस्तान अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी तक अपनी पनडुब्बियों को आसानी से तैनात कर सकता है।
एआईपी सिस्टम क्या है ?
एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) सिस्टम डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को सतह पर आए बिना या स्नोर्कल का उपयोग किए बिना, हफ्तों तक पानी के नीचे रहने और काम करने में सक्षम बनाता है। यह सिस्टम पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों की बैटरी को रिचार्ज करके, उन्हें अधिक शांत और दुश्मन के रडार से छिपने में बेहतर बनाता है। एआईपी तकनीक के साथ, पनडुब्बियों को हवा लेने के लिए बार-बार सतह पर आने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे उनकी पानी के भीतर रहने की क्षमता बढ़ जाती है। यह पारंपरिक डीजल इंजनों की तुलना में बहुत कम शोर पैदा करती है, जिससे दुश्मन के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
पाकिस्तान के पास एआईपी सिस्टम वाली कितनी पनडुब्बियां :
पाकिस्तान वर्तमान में एआईपी सिस्टम से लैस चार पनडुब्बियों का संचालन कर रहा है। ये सभी पनडुब्बियां चीन में बनी हैं। यह चीन की युआन-श्रेणी (टाइप 039ए परिवार) पनडुब्बी का एक्सपोर्ट वेरिएंट है। पाकिस्तान ने अप्रैल 2015 में चीन से आठ पनडुब्बियों की खरीद स्वीकार की थी। समझौते के अनुसार, चार पनडुब्बियों का निर्माण पाकिस्तान की केएस एंड ईडब्ल्यू फैक्ट्री में किया जाएगा, जबकि अन्य चार का उत्पादन चीन में हो चुका है।
भारतीय नौसेना का बैकअप प्लान क्या है ?
भारतीय नौसेना व्यापक पैमाने पर एंटी सबमरीन वायरफेयर सिस्टम को ऑपरेट करती है। इसमें सोनबॉय, मैग्नेटिक एनोमली डिटेक्शन सिस्टम, एंटी शिप मिसाइलों से लैस पी-8आई पोसाइडन विमान, तटीय निगरानी के लिए विशेष सोनार और टॉरपीडो से लैस स्वदेशी रूप से निर्मित कमोर्ता क्लास के एंटी सबमरीन वारफेयर शिप शामिल हैं। इस क्लास के युद्धपोतों में आईएनएस अनार्ला, जल्द लॉन्च होने वाला आईएनएस अंजदीप और हाल में ही लॉन्च किए गए आईएनएस अमिनी और आईएनएस अजय जैसे उथले पानी के पनडुब्बी रोधी प्लेटफार्म शामिल हैं।

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