सचिन पायलट का बिहार सरकार पर हमला, बोले-नीतीश ने कई बार बदला मन, जनता को रखा धोखे में, केंद्र की 'चुप्पी' को राष्ट्रीय अखंडता के लिए बताया खतरा
कूटनीतिक चुप्पी और नीतीश के राज्यसभा जाने पर उठाए सवाल
सचिन पायलट ने हिंद महासागर में ईरानी जहाज पर हमले को लेकर केंद्र की 'चुप्पी' को राष्ट्रीय अखंडता के लिए खतरा बताया। उन्होंने अमेरिका के एकतरफा एक्शन और टैरिफ डील पर सरकार को घेरा। पायलट ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को बिहार की जनता के साथ धोखा करार दिया और खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी की मांग की।
जयपुर: कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने गुरुवार को ईरान अमेरिका युद्ध सहित बिहार सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के मुद्दों पर भाजपा पर हमला बोला। पायलट ने जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए ईरान अमेरिका युद्ध पर कहा कि लगातार जो हिंसा हो रही है। मैं उम्मीद करता हूं कि जल्द इसका अंत होगा और जो नुकसान जान माल का हो रहा है, उस पर विराम लगेगा। जो घटनाक्रम बहुत तेजी से बदला वो हम सबके सामने है भारत ने हमेशा एक निष्पक्षता का व्यवहार रखा है और पूरी दुनिया में भारत की पोजीशन हमेशा एक समझदार संजीदा और एक बड़े मैच्योर राष्ट्र की रही है। उस पर हमें कायम रहना चाहिए। किसी भी एक पक्ष का समर्थन या विरोध करना हमारी कभी कूटनीति का उद्देश्य नहीं रहा है। जहां तक जो एक्शन हुआ है अमेरिका के माध्यम से वो ना तो संयुक्त राष्ट्र का है और ना ही किसी एलआई का है।
अमेरिका ने जो आक्रमण किया है। हम लोगों का जो तटीय इलाका है वहां पर जो समुद्री जहाज को गिराया गया है। मैं समझता हूं, इस पर हमारी सरकार को और देश को कोई स्टैंड लेना चाहिए, क्योंकि युद्ध कही और हो रहा है और किसी कारणवश हमारा जो क्षेत्र है क्षेत्रफल है, जो है हमारा एरिया ऑफ इन्फ्लुएंस है उसमें अगर इस प्रकार की वन साइडेड एक्टिविटी होगी तो कहीं ना कहीं भारत की जो टेरिटोरियल इंटेग्रिटी है भारत का जो निष्पक्ष स्टैंड रहा है और हम लोग कुछ नहीं कहेंगे इस बात पर मुझे लगता है यह जो चुप्पी है यह गलत है।
भारत ने हमेशा सही को सही और गलत को गलत कहा है। जहां तक इजरायल और फिलिस्तीन की बात है। वहां पर भी हमने हमेशा कहा है कि टू नेशन थ्योरी होनी चाहिए और चाहे ईरान हो चाहे अफगानिस्तान हो चाहे यूरोप हो चाहे रूस हो तमाम देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध पुराने रहे है,कल्चरल रहे है। ऐतिहासिक रहे है। हमे अपनी कूटनीति, अपना सेल्फ इंटरेस्ट और भारत का जो परंपरागत तरीके से निष्पक्षता का आचरण रहा है। उससे हटना नहीं चाहिए देश में अनेक प्रकार की सरकारें बनी।
कांग्रेस और गैर कांग्रेस और गैर कांग्रेस में भी बहुत से प्रधानमंत्री रहे, लेकिन पहली सरकार है, मैं देख रहा हूं कि किसी ना किसी दबाव में है। पहले ट्रंप एक तरह से डील हम पर थोपते है। जीरो टेरिफ पर अमेरिका का माल पूरे भारत में फैल जाएगा, हम लोग 18 प्रतिशत देंगे। हम लोग रूस से तेल नहीं खरीद सकेंगे। हम 500 बिलियन डॉलर का काम माल उनसे खरीदने की कमिटमेंट कर रहे है यह सारे जो टर्म्स और कंडीशन है। यह एक तरफा है और हम लोगों ने बिल्कुल कान दबा के इसको मान लिया। देश भर के किसान आज विरोध में है पूरी पार्टी और पूरा समाज समझ रहा है कि आने वाले समय में संकटकाल आएगा।
किसानों के लिए दूध उत्पादको के लिए, कपास किसानों के लिए, सोयाबीन किसानों के लिए, मक्के किसानों के लिए संकट आएगा, लेकिन लगातार जो हो रहा है। हम देख रहे है कि जो यूरोप के देश है वो जो हमसे बहुत छोटे है वो भी खड़े होकर बोल रहे है क्या सही और क्या गलत है मुझे लगता है कि जो समुद्री जहाज था जिसको गिराया गया है,ध्वस्त किया गया है और भारत के कितनी पास किया गया और वो जहाज हमारे सैनिक अभियान में शामिल होने के लिए आया था, कहीं ना कहीं हम लोगों को खड़े होकर बोलना पड़ेगा क्या सही है क्या गलत है,लेकिन लगातार विदेश मंत्रालय रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की जो चुप्पी है उसको दुनिया देख रही है और यह हमारे देश के हित के लिए सही नहीं है।
पायलट ने बिहार के मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने पर कहा कि यह हमारे समझ नहीं आ रहा कि आपने चुनाव लड़ा अपने चेहरे पर लड़ा वोट बटोर लिए जनता ने आपको चुनकर भेजा अब आप विड्रॉ कर रहे है। किसके दबाव में कर रहे है। क्या अपनी इच्छा से कर रहे है या अपने मन मार के कर रहे है। इनका कुछ पता नहीं है और नीतीश ने वैसे भी कई बार बहुत बार अपना मन बदला है। कभी इस पाले में कभी उस पाले में अब सुने में आ रहा है वो दिल्ली आ रहे है। बिहार में क्या होगा दोबारा, भाजपा वहां पर उनपर दबाव बनाकर सत्ता हासिल करेगी, मैं नहीं कह सकता हूं, लेकिन जो कुछ भी हो रहा है वो यह जनता को धोखे में रखकर किया गया है,
अगर आप 6 महीने पहले बोल देते कि मुझे राज्यसभा में जाना है तो हो सकता है बिहार के चुनाव परिणाम कुछ और आते। खाड़ी देशों में फंसे भारतीय के लिए कहा है कि मुझे लगता है कि भारत सरकार को कोई भी कसर नहीं छोड़नी चाहिए, अगर हमारा एक भी भारत का नागरिक विदेश में फंसा है। उन खाडी देशों में फंसा है, तो उसको सुरक्षित लाने की जिम्मेदारी हम लोगों की है। बाकी अन्य देश बहुत प्रयास कर रहे है और हम लोगों को क्योंकि हमारे संबंध सबके साथ अच्छे है। हमारी दुश्मनी किसी के साथ नहीं है, तो हमारे नागरिक जो वहां फंसे हुए है और राजस्थान से भी बहुत सारे लोग फंसे हुए है, अलग अलग देशों में। उनके मैसेज भी आ रहे है। मैं उम्मीद करता हूं कि विदेश मंत्रालय और सरकार जल्द काम करे,क्योंकि हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। बाकी देशों के लोग अपने लोगों के लिए चार्ट्स कर रहे है फ़्लाइट भिजवा रहे है। हम लोगों को तुरन्त जितना भी हो सके साधन संसाधन लगाकर उनको सुरक्षित वापिस लाना चाहिए।

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