जेएलएन अस्पताल में हटाए गए 227 नर्सिंग ऑफिसरों का तीसरे दिन भी धरना जारी, खून से लिखा मांग-पत्र सौंपा
नोटिस या स्पष्ट कारण बताए सेवा से मुक्त
अजमेर। जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत रहे 227 नर्सिंग ऑफिसरों का धरना-प्रदर्शन शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। नौकरी से हटाए गए नर्सिंग कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर खून से लिखा मांग-पत्र मेडिकल कॉलेज प्राचार्य एवं अस्पताल अधीक्षक को सौंपा। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में नर्सिंग कर्मचारी मौजूद रहे। प्रदर्शन में महिला नर्सिंग कर्मचारियों के साथ उनके छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हुए, जिससे आंदोलन का भावनात्मक पक्ष भी सामने आया। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से अस्पताल में सेवाएं दे रहे थे, लेकिन उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना, नोटिस या स्पष्ट कारण बताए सेवा से मुक्त कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अचानक नौकरी समाप्त किए जाने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मचारियों के परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उनकी आय पर निर्भर है। ऐसे में सेवा समाप्ति के फैसले ने उन्हें गंभीर परेशानी में डाल दिया है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पुनः कार्य पर लिया जाए तथा सेवा समाप्ति के आदेश को वापस लिया जाए। उनका कहना है कि अस्पताल में लंबे समय तक सेवाएं देने के बावजूद उनकी उपेक्षा की गई है, जो न्यायसंगत नहीं है। धरने के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसके तहत बड़े स्तर पर

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