तीन महीने की उम्र में पिता का निधन, मां का पुनर्विवाह, बेटी ने 97% बनाए
कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी जारी रखी पढ़ाई
रेशमा , कृष्णा , आकाश और आरती की मेहनत, दृढ़ संकल्प और लगन ने परिवार व विद्यालय का नाम किया रोशन ।
बूंदी/बारां। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सांवतगढ़ की छात्रा रेशमा किराड ने आर्ट्स संकाय में 97.00% अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। रेशमा की इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनके जीवन में कई कठिनाइयाँ रही हैं; मात्र 3 महीने की उम्र में उनके पिता ज्ञान सिंह का निधन हो गया और जब रेशमा 2 वर्ष की थी तो उनकी माता मीना बाई ने पुनर्विवाह किया। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रेशमा ने दृढ़ संकल्प और मेहनत से अपनी पढ़ाई जारी रखी।
रेशमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी और विद्यालय के गुरुजनों को दिया। उनके अनुसार कक्षा 10 से पढ़ाई का खर्च इंजीनियर आशाराम नागर द्वारा उठाया गया, जो वर्तमान में उनकी बीएसटीसी कोचिंग का खर्च भी वहन कर रहे हैं। रेशमा की बड़ी बहन भी सेकंड ईयर में अध्ययनरत है। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियाँ भी मजबूत हौसले वालों को सफलता से नहीं रोक सकतीं।
वहीं, विद्यालय की कृष्णा कुमारी किराड ने आर्ट्स संकाय में 97.80% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कृष्णा के माता-पिता रामनारायण एवं जडाव ने उनकी सफलता पर गर्व जताया। कृष्णा ने अपने माता-पिता और गुरुजनों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से ही यह मुकाम संभव हुआ। उनकी इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।दोनों छात्राओं की सफलता से विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
मजदूर पिता का बेटा 12वीं में 97.80 प्रतिशत लाकर बना मिसाल
सीसवाली। सीसवाली नगर के कालूपुरा निवासी आकाश बैरवा ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी मेहनत और लगन से शानदार सफलता हासिल की है।मजदूर पिता और बीमार मां के बीच पले-बढ़े आकाश ने 12वीं कृषि विज्ञान में 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो गरीबी भी रास्ता नहीं रोक सकती। सीसवाली नगर के कालूपुरा निवासी आकाश बैरवा एक गरीब परिवार से हैं। आकाश के पिताजी बजरंगलाल बैरवा एक मजदूर हैं। मजदूरी से ही अपने परिवार का लालन-पालन करते हैं। मां दस साल से बीमारी की चपेट में है। जिसका भी हर महिने इलाज व दवाईयों का खर्चा भी उठाते है। आकाश ने शुरू से ही सीसवाली के सरकारी विद्यालय पढ़ाई की है। शुरू से ही पढ़ाई में अच्छा था दसवीं में 89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। वहीं 12वीं में कृषि विज्ञान में 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। आकाश बैरवा ने बताया कि परिवार में एक बहिन दो भाई हैं, गरीब परिवार है पिताजी मजदूरी करते हैं। मां बीमार रहती है। अब आगे ऊंची पढ़ाई करने की इच्छा तो है। मगर इतने पैसे नहीं है। अगर सरकारी कॉलेज मिल जायेगा तो पशु परिचर की तैयारी कर सकता हूं।
पत्थर तराशने वाले की बेटी ने रचा कीर्तिमान
डाबी। बरड़ क्षेत्र के डाबी कस्बे की होनहार छात्रा आरती मेघवाल ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कक्षा 12वीं कला वर्ग में 95.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।आरती मेघवाल, छात्रा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाबी, ने 500 में से 476 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में बाजी मारी। उनके पिता रामनिवास पत्थर काटने का कार्य करते हैं, जबकि माता संपत बाई सिलाई कर परिवार का सहयोग करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।आरती ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं गुरुजनों को देते हुए बताया कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय प्रबंधन सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि परिवार के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें निरंतर प्रेरित किया।विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा, जिस पर प्रधानाचार्य रूबीना बानो एवं समस्त स्टाफ ने हर्ष व्यक्त किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय में उत्सव जैसा माहौल बन गया। शिक्षकों ने आरती का मुंह मीठा कराकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Comment List