विश्व की सबसे बड़ी 185 किलो वजनी रोटी तैयार कर भीलवाड़ा में बना कीर्तिमान
वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा भीलवाड़ा का नाम, तीन प्रांतों के हलवाइयों ने पांच घंटों में बनायी रोटी, परिसर में गूंजे जयकारे, उमड़े शहरवासी
औद्योगिक नगरी स्थित हरिशेवा धाम परिसर में रविवार को विश्व की सबसे बड़ी 185 किलो वजनी रोटी तैयार की गई। रोटी बनाने की पूरी प्रक्रिया की विडियोग्राफी भी कराई गई। अब इसे गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिये भेजा जायेगा। हरिशेवा धाम में राजस्थान, गुजरात और महाराष्टÑ के हलवाइयों द्वारा ज्योंही रोटी निर्माण की पूरी प्रक्रिया को पूर्ण किया तो परिसर जयकारों से गुंजायमान हो गया।
भीलवाड़ा। औद्योगिक नगरी स्थित हरिशेवा धाम परिसर में रविवार को विश्व की सबसे बड़ी 185 किलो वजनी रोटी तैयार की गई। रोटी बनाने की पूरी प्रक्रिया की विडियोग्राफी भी कराई गई। अब इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिये भेजा जायेगा। हरिशेवा धाम में राजस्थान, गुजरात और महाराष्टÑ के हलवाइयों द्वारा ज्योंही रोटी निर्माण की पूरी प्रक्रिया को पूर्ण किया तो परिसर जयकारों से गुंजायमान हो गया। सुबह करीब साढ़े दस बजे 22 लोगों की टीम द्वारा आटा गूंथना शुरू कर दिया जबकि दोपहर साढ़े तीन बजे रोटी सिक कर तैयार हुई। इससे पूर्व आचार्य पं. सत्यनारायण शर्मा एवं पं. मनमोहन शर्मा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार कर अग्नि प्रज्जवलित की तथा अन्नपूर्णा स्त्रोत का पाठ किया गया। राजस्थानी जनमंच अध्यक्ष कैलाश सोनी ने बताया कि हरिशेवा धाम में महामंडलेश्वर हंसाराम उदासीन के सानिध्य में वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ साधु संतों ने भट्टी की अग्नि प्रज्जवलित की। इस दौरान विश्व की सबसे बड़ी रोटी बनाने का विश्व कीर्तिमान देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी भी पहुंचे। इसके तहत हरिशेवा धाम परिसर में बनाई गई विशाल भट्टी पर रोटी बेलने के लिए 20 फीट स्टील पाईप के बैलन का प्रयोग किया गया। रोटी का वजन 185 किलो और व्यास 11.15 गुणा 11.15 फीट रहा तथा इसमें 15 किलो घी का उपयोग किया गया। सोनी ने बताया कि विश्व की इस विशालकाय रोटी को 2000 ईटो पर मिट्टी का लेप लगा, 1000 किलो कोयला द्वारा भट्टी को जलाया गया एवं 21 हलवाई की टीम द्वारा 4 घंटे की सिकाई के बाद यह रोटी तैयार की। उन्होंने बताया कि रोटी को ऊपर से सेकने के लिए रोटी के ऊपर भी तवा लगाकर सिकाई गई। कार्यक्रम की लाइव रिकॉर्डिंग भी की गई तथा इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को बनाने के लिए लिम्का बुक का रिकॉर्ड इंटरनेशनल बुक का रिकॉर्ड में भी आवेदन किया गया। निर्माण के बाद मां अन्नपूर्णा को भोग लगा पंचकुटा की सब्जी को प्रसाद के रूप में रोटी के साथ आमजन मे वितरित किया। गौरतलब है कि गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में वर्ल्ड रिकॉर्ड वर्ष 2012 में बना था, जिसमें विश्व की सबसे बड़ी रोटी का निर्माण किया गया, जिसका वजन 145 किलो था इस रोटी का व्यास 10 फिट गुणा 10 फिट का था। अब इस विश्व रिकार्ड को तोडने की कवायद के तहत 185 किलो वजनी रोटी बनाई गई इसकी मोटाई लगभग 70 एम एम की रही। इसे बनाने के लिए एक विशेष प्रकार का विशाल तवा तैयार किया गया। जिसकी लंबाई चौड़ाई 16 फीट 12 फीट ओर इसका वजन 1000 किलो था।
यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में महंत बाबूगिरी, महंत मोहनशरण शास्त्री, महंत संतदास, महंत बनवारीशरण काठियाबाबा, संत मायाराम, महंत राधाशरण, महंत ओम दास, संत गोविन्द राम के साथ ही राष्टÑ सेविका समिति की अखिल भारतीय सह कार्यवाहक अलका इनामदार, राष्टÑ सेविका समिति चित्तौड़ प्रांत कार्यवाह वंदना विजरानी, सह कार्यवाहिका रीना शुक्ला, भीलवाड़ा कार्यवाहिका मनीषा जाजू, चित्तौड़ प्रांत कुटुम्ब प्रबंध संयोजक रविन्द्र जाजू, जिला प्रमुख बरजीदेवी भील, उप जिला प्रमुख शंकर गुर्जर, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, लादूलाल तेली, भवानीशंकर दूदानी, बाबूलाल टांक, आशा रामावत, शोभिका जागेटिया, गोपालचरण सिंह सिसोदिया सहित अन्य कई गणमान्य व विचार परिवार के सदस्य तथा सनातन धर्म के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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