PACS को बड़ी राहत: आदर्श उप नियमों के तहत गतिविधियों के लिए अलग अनुमति जरूरी नहीं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
राजस्थान सरकार ने PACS के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाते हुए नया आदेश जारी किया है। अब आदर्श उप नियमों के तहत आने वाली गतिविधियों के लिए अलग से अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, जिससे सहकारी समितियां अधिक स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकेंगी।
जयपुर। सहकारी क्षेत्र को गति देने के लिए रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान ने महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया है। इसके तहत राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 के अंतर्गत पंजीकृत प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को बड़ी राहत प्रदान की गई है। जारी परिपत्र के अनुसार, PACS द्वारा अंगीकृत “आदर्श उप नियमों (Model Bye-laws)” में जिन गतिविधियों का उल्लेख पहले से किया गया है, उनके संचालन के लिए अब किसी अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये आदर्श उप नियम पूर्व से ही अनुमत माने जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य इस निर्णय के माध्यम से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना और PACS को विविध गतिविधियां समय पर शुरू करने में सहूलियत प्रदान करना है। इससे सहकारी समितियों के कार्यों में तेजी आएगी और अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कमी होगी। रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा द्वारा जारी इस आदेश से प्रदेशभर की PACS को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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