राजस्थान बजट 2026-27 : प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 41% बढ़ा, कृषि बजट 1.19 लाख करोड़ ; वाहन टैक्स और पंजीयन दर में राहत
आम लोगों और वाहन मालिकों को राहत देते हुए कई करों में कमी
दिया कुमारी ने बजट भाषण में कहा कि राज्य सरकार ने पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से व्यवस्था को उबारते हुए निवेश को प्रोत्साहन दिया है। सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हरित बजट की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं।
जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बजट भाषण में कहा कि राज्य सरकार ने पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन से व्यवस्था को उबारते हुए निवेश को प्रोत्साहन दिया है। सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हरित बजट की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 41.39 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2026-27 में 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। वहीं प्रति व्यक्ति आय भी 1.68 लाख रुपए से बढ़कर 2.02 लाख रुपए से अधिक पहुंचने का अनुमान है। कृषि क्षेत्र के लिए बजट में 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसमें से 69 हजार करोड़ रुपए समेकित निधि से खर्च किए जाएंगे। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में 7.59 प्रतिशत अधिक है। कृषि बजट राज्य के जीएसडीपी का 5.55 प्रतिशत रखा गया है, जिससे किसानों और कृषि आधारित गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बजट में आम लोगों और वाहन मालिकों को राहत देते हुए कई करों में कमी की घोषणा भी की गई है। कर्ज दस्तावेजों पर पंजीयन दर को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है। अन्य राज्यों से लाए गए वाहनों पर लगने वाले टैक्स में भी कमी की गई है, जिससे वाहन पंजीयन सस्ता होगा। निर्माण कार्यों में पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकारी भवनों के निर्माण में एम-सैंड (M-Sand) के उपयोग की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है।

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