मुख्य सचिव ने बजट घोषणाओं व विकसित राजस्थान @2047 की प्रगति की समीक्षा
मुख्य सचिव ने विभागों की प्रगति समीक्षा की
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में ऊर्जा, वन एवं पर्यावरण, खनिज-पेट्रोलियम और आयोजना विभाग की योजनाओं व बजट घोषणाओं की समीक्षा की। उन्होंने विकसित राजस्थान @2047 के लक्ष्यों को समयबद्ध कार्य निष्पादन से पूरा करने पर बल दिया। बैठक में औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, हरित अरावली कार्यक्रम, निःशुल्क बिजली योजना और खनन से जुड़ी प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को सचिवालय में ऊर्जा, वन एवं पर्यावरण, खनिज एवं पेट्रोलियम तथा आयोजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं और बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान @ 2047 राज्य के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप है, जिसके लक्ष्यों को समयबद्ध कार्य निष्पादन से ही हासिल किया जा सकता है। इसके लिए विभागवार वर्षानुसार समीक्षा अनिवार्य है। बैठक में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने औद्योगिक अपशिष्ट निस्तारण, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन सहित हरित अरावली विकास कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत 30 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया है, साथ ही फ्रांस और जापान के सहयोग से हरित राजस्थान कार्यक्रम संचालित हो रहा है।
खनिज एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि खनन से जुड़ी 27 बजट घोषणाओं में से 16 पूर्ण हो चुकी हैं, 8 पर कार्य प्रगति पर है और शेष 3 पर भी काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में अपार संभावनाओं का दोहन तेज गति से किया जा रहा है। ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा ने निःशुल्क बिजली योजना की क्रियान्विति पर जानकारी दी। वहीं प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी. के. उपाध्याय ने रिवाइल्डिंग परियोजना, बाघों की संख्या और संरक्षण गतिविधियों पर प्रस्तुति दी।

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