मिडिल ईस्ट तनाव का भारत पर असर: एलपीजी आपूर्ति प्रभावित, संसद भवन में हरदीप पुरी और जयशंकर ने की पीएम मोदी से मुलाकात

ऊर्जा संकट पर पीएम मोदी की हाई-लेवल मीटिंग: एलपीजी आपूर्ति के लिए कड़े निर्देश

मिडिल ईस्ट तनाव का भारत पर असर: एलपीजी आपूर्ति प्रभावित, संसद भवन में हरदीप पुरी और जयशंकर ने की पीएम मोदी से मुलाकात

मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण भारत में कमर्शियल गैस की किल्लत गहरा गई है। पीएम मोदी ने विदेश और पेट्रोलियम मंत्रियों के साथ हालात की समीक्षा की। सरकार ने रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने और अस्पतालों व घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। आपूर्ति संतुलित करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का प्रभाव अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। विशेष रूप से कमर्शियल गैस की सप्लाई में कमी के चलते होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के सामने संचालन की चुनौती खड़ी हो गई है। वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। 

इस स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय चर्चा कर हालात की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और उनके भारत की ऊर्जा जरूरतों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विचार किया गया। आपातकाल जैसी इस स्थिति को देखते हुए कई राज्यों ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर व्यावसायिक गैस की कमी से उत्पन्न हो रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी। 

तेल विपणन कंपनियों ने बताया है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है, जो विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली मांग का आकलन कर प्राथमिकता तय करेगी। केंद्र सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए कहा है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों और विपणन कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त उत्पादन का मुख्य उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

एलपीजी सिलेंडर की कमी पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, पहले केंद्र सरकार LPG कमर्शियल घरेलू के दाम बढ़ाती है और फिर ये युद्ध 9-10 दिन चला और गैस की कमी हो गई है और 25 दिन से पहले घरेलू की बुकिंग नहीं होगी। जो ये कमी है इसके लिए भारत सरकार का पेट्रोलियम मंत्रालय जिम्मेदार है। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि इस देश का सर शर्म से झुक गया है जब ट्रंप कहते हैं कि 30 दिन और पेट्रोल खरीद लो.. क्या भारत अब ट्रंप के दया पर निर्भर करेगा कि उसे कहां से क्या व्यापार करना है।

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